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Udhampur News: अनियंत्रित हुई कार नदी में गिरी, हेड कांस्टेबल और पत्नी की मौत, दो बेटे गंभीर

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भद्रवाह-बनी रोड पर सुबह करीब 9 बजे हादसा, कठुआ के लोवांग बनी के रहने वाले थे जुल्फकार
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डोडा। भद्रवाह-बनी रोड पर कार अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। इससे जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल (एचसी) और उनकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनके दो बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए।

अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे भद्रवाह-बनी-बसहोली रोड पर भद्रवाह के पास बस्ती इलाके में हादसा हुआ। इसमें हेड कांस्टेबल ज़ुल्फकार अली (58) और उनकी पत्नी की मौके पर मौत हो गई। जुल्फिकार अली कठुआ के लोवांग बनी के रहने वाले थे। हादसे में उनके दो बेटे घायल हुए हैं, जिनकी पहचान अर्श अहमद (24) व कामरान (20) के रूप में हुई है।
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हादसे के तुरंत बाद स्थानीय निवासी और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल मलबे से निकालकर उपचार के लिए उप जिला अस्पताल भद्रवाह पहुंचाया गया जहां से जीएमसी रेफर किया गया।

उपायुक्त डोडा कृष्ण लाल ने जीएमसी का दौरा किया। उन्होंने हादसे के पीड़ितों और उनके परिजन से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हेड कांस्टेबल जुल्फिकार अली और उनकी पत्नी रेहाना बेगम के निधन पर शोक जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
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अलविदा जुम्मा पर कह गए अलविदा, गांव में शोक

बनी। रमजान के पवित्र महीने में ईद की खुशियों की तैयारी कर रहे लोवांग गांव के लोग शोक में डूब गए। भद्रवाह-बनी मार्ग पर हुए दर्दनाक हादसे में जुल्फिकार अली और पत्नी की मौत हो गई जबकि उनके दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। जुल्फिकार अली पिछले आठ साल से जम्मू-कश्मीर पुलिस के अपराध अन्वेषण विभाग में सेवाएं दे रहे थे। वे अपने कर्तव्यनिष्ठ और सजग पुलिसकर्मी के रूप में जाने जाते थे। नशे और अपराध से जुड़े मामलों पर उनकी पैनी नजर रहती थी। अपने पेशेवर जीवन से परे गांव में उनकी पहचान एक मददगार और मिलनसार इंसान की थी। शुक्रवार सुबह जब वे अपने पैतृक गांव लौट रहे थे तभी उनका वाहन अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरा। हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। अलविदा जुम्मा से पहले ही एक परिवार का सहारा छिन गया और ईद से पहले ही गांव में मातम का माहौल छा गया। ग्रामीणों का कहना है कि जुल्फिकार अली मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे और हमेशा लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहते थे। रमजान के पवित्र महीने में हुई इस घटना ने सभी को गहरा सदमा पहुंचाया है। अलविदा जुमे से पहले ही एक परिवार का सहारा छिन गया और ईद से पहले ही गांव में मातम का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने दिवंगत दंपति की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। संवाद
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