एशिया की सबसे लंबी चिनैनी-नाशरी टनल का साप्ताहिक ट्रायल तो मंगलवार को ही संपन्न हो गया, लेकिन उच्च अधिकारियों के निर्देश पर बुधवार को भी टनल से वाहनों की आवाजाही बरकरार रखी गई। ट्रायल के सिलसिले में खुलासा किया गया कि गैस, पेट्रोल और डीजल से भरे टैंकर के टनल से गुजरने पर प्रतिबंध रहेगा। इतना ही नहीं पांच मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले वाहनों का भी टनल से गुजरना संभव नहीं हो सकेगा।
बता दें कि जम्मू से घाटी के लिए करीब एक सप्ताह के बाद रास्ता खुला। हाईवे पर वाहनों के दबाव को देखते हुए टनल को आम वाहनों के लिए बुधवार को भी खुला रखा गया। लेकिन डीजल, गैस और पेट्रोल टैंकर को टनल से जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके अलावा और भी कई वाहन थे जो टनल से नहीं जा पाए।
नौ किलोमीटर लंबी टनल से बुधवार को घाटी के लिए छोड़े गए वाहनों की संख्या ट्रायल में एक सप्ताह के दौरान छोड़े गए वाहनों से कहीं ज्यादा अधिक थी। खास बात यह थी कि ज्यादातर संख्या में भारी वाहन टनल से गुजरे, जिससे जाम की स्थिति भी उतनी ज्यादा उत्पन्न नहीं हुई।
टनल से पेट्रोलियम टैंकर के गुजरने की अनुमति नहीं दी गई। उसे पुराने हाईवे चिनैनी से पत्नीटाप और बटोत होते हुए आगे बढ़ाया गया। बताया गया है टनल से उन वाहनों को जाने की अनुमति नहीं मिलेगी, जिससे टनल में आग लगने का खतरा हो सकता है।