संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर में पवित्र देविका नदी के तट पर 13 अप्रैल को शुरू हुआ ऐतिहासिक तीन दिवसीय बैसाखी देविका मेला मंगलवार को अपार उत्साह और भक्ति के बीच संपन्न हो गया। इसमें जम्मू प्रांत के विभिन्न हिस्सों से 60,000 से अधिक आगंतुकों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
समापन दिवस पर, उधमपुर पश्चिम विधानसभा के सदस्य पवन कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि थे, जबकि अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त उधमपुर राजिंदर सिंह ,नरसू के डीडीसी सदस्य सुभाष चंद्र, डीआईओ/सीईओ नगर परिषद और मेला अधिकारी तहसीलदार उधमपुर जय सिंह समापन दिवस पर विशेष अतिथि थे।
मुख्य अतिथि ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए इस भव्य आयोजन के लिए जिला प्रशासन के अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने लोगों को उनकी उत्साहपूर्ण भागीदारी के लिए बधाई दी और कहा कि इस तरह के पारंपरिक मेले न केवल हमारी समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं, बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होते हैं।
उन्होंने जोर दिया कि ये मेले क्षेत्र के आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और भाईचारे, शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के महत्व को भी रेखांकित किया। कहा कि बैसाखी देविका मेला जैसे मेले हमारी सांस्कृतिक पहचान का अनिवार्य हिस्सा हैं, जो युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
तीन दिवसीय मेले का आयोजन डिप्टी कमिश्नर उधमपुर सलोनी राय की देखरेख में किया गया था। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम के सफल समापन के लिए पर्याप्त व्यवस्था की थी। इसमें सभी आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित और सुखद अनुभव सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, पेयजल, बिजली आपूर्ति, चिकित्सा देखभाल, यातायात विनियमन और स्वच्छता के लिए मजबूत उपाय शामिल थे। मेले में स्थानीय और बाहरी विक्रेताओं द्वारा कई अस्थायी मिठाई की दुकानें, खिलौने की दुकानें और अन्य खाने-पीने की दुकानें लगाई गईं, जिससे मेला स्थल पर आने वाले आम लोग आकर्षित हुए।
तीन दिवसीय मेले के दौरान, सूचना विभाग उधमपुर ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों और आसपास के क्षेत्रों के लोक कलाकारों सहित स्थानीय कलाकारों ने क्षेत्र की परंपराओं और थीम-आधारित नाटकों को दर्शाते हुए प्रदर्शन प्रस्तुत किए, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।