उधमपुर। आने वाले दिनों में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने कुछ शिक्षकों ऑनलाइन प्रशिक्षण देकर तैयार किया है।
शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक स्तर की सुविधाएं दे रहा है। विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए कई तरह के क्लब बनाए गए हैं। कल्चर क्लब के जरिए लोक संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा।
देश में साइबर क्राइम के मामले बढ़ते जा रहे हैं। एक ओटीपी देना भी लोगों को महंगा पड़ रहा है। मिनटों में बैंक एकाउंट खाली किए जा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण जागरूकता का अभाव है। लोगों को साइबर क्राइम के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। एक फोन आते ही लोग अपने बैंक से संबंधित सारी जानकारी ठगों को बता देते हैं। इसको रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने प्रयास शुरू किया है।
विभाग ने सभी जिलों में इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेट सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं। इन सेंटरों में शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है। जब कोरोना संकट से उबरने के बाद सभी स्कूल खुल जाएंगे, तब ये शिक्षक विद्यार्थियों को साइबर क्राइम की विस्तृत जानकारी देकर जागरूक करेंगे। इनको बताया जाएगा कि साइबर क्राइम से बचाना है तो किसी को अपने बैंक, आधार और मोबाइल फोन की जानकारी न दें।
-------
शिक्षा विभाग की तरफ से आए दिन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अब साइबर क्राइम को लेकर जागरूक करने की तैयारी है। ऑनलाइन ट्रेनिंग में कुछ विद्यार्थियों को जोड़ा भी गया था। जब स्कूल खुलेंगे तो बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- अरविंद कुमार, सीईओ, उधमपुर