डीसी शाहिद इकबाल चौधरी ने एक कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विभाग में अपना काम ईमानदारी से नहीं करने वाले अधिकारियों को हर चीज का हिसाब देना होगा। विभाग में सालों से ढांचागत विकास नहीं हो पाया है। इसके पीछे जो अधिकारी जिम्मेवार होंगे, उनसे जवाब मांगा जाएगा।
डीसी कार्यालय में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम में संबोधित करते हुए डीसी ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सालों से स्कूलों भवन बनाने के लिए फंड मुहैया कराया गया है।
पर कुछ अधिकारियों के गैरजिम्मेदाराना रवैये के कारण आज तक कई स्कूलों में बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ना पड़ता है। अधिकारियों की कमजोरियों का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
ऐसे अधिकारियों से पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा। डीसी ने कहा कि वर्षों पहले स्कूलों के निर्माण के लिए जो फंड आए थे, उनसे वर्तमान में काम कर पाना संभव नहीं है।
संबंधित अधिकारियों को मार्च तक काम पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। मार्च के बाद फिर से स्कूलों के कार्यों का जायजा लिया जाएगा। अगर काम में किसी भी प्रकार की खामी हुई तो अधिकारियों से सख्ती से निपटा जाएगा।
ब्रूण हत्या करने वालों पर चले हत्या का मुकदमा
कार्यक्रम में बोलते हुए डीसी शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि ब्रूण हत्या करने वालों के लिए कडे़ कानून बनाने की जस्रत है। ब्रूण हत्या केवल सामाजिक ही नही कानूनी अपराध भी है।
एक बच्ची को दुनिया में आने से पहले ही गर्व में मार देना इंसानियत के लिए भी शर्मसार करने वाला है। लिहाजा ब्रूण हत्या करने वालों पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए।