उधमपुर। अप्रैल का वेतन नहीं मिलने से नाराज नगर परिषद के सफाई कर्मचारी वीरवार से काम छोड़ हड़ताल पर चले गए। इस कारण शहर की सफाई व्यवस्था ठप रही और सड़कों पर गंदगी फैल गई। कूड़ा नहीं उठने के कारण राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रशासन की तरफ से कर्मचारियों को आश्वासन देकर मनाने का हरसंभव प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक वेतन नहीं मिलेगा वे काम पर नहीं लौटेंगे।
तीन दिन पहले ही सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल की चेतावनी दी थी। सुबह सभी कर्मचारी कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए और फिर धरना लगाकर वेतन जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। अगर हड़ताल लंबी चली तो शहर के हालात और बिगड़ सकते हैं।
सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान विक्की और चेयरमैन पप्पू ने कहा कि कार्यालय अकाउंटेंट के प्रसूति अवकाश पर जाने के कारण वेतन जारी नहीं किया जा रहा है। उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की स्कूल फीस और बैंक लोन की किस्त भरने के अलावा घर की अन्य जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया है। तीन दिन पहले ही नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को समस्या से अवगत कराया था और वेतन जारी नहीं होने पर काम छोड़ हड़ताल का अल्टीमेटम दिया था। इसके बावजूद वेतन जारी करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है जिस कारण मजबून हड़ताल शुरू कर दी है। प्रशासन जबरन हड़ताल को खत्म कर काम पर लौटने का दबाव बना रहा है लेकिन कर्मचारियों ने भी ठान लिया है कि जब तक सैलरी नहीं मिलेगी, हड़ताल खत्म नहीं होगी।
विभागीय जानकारी के मुताबिक महिला अकाउंटेंट को अचानक दस दिन पहले मातृत्व अवकाश पर जाना पड़ा है। 28 अप्रैल को उनके छह माह के लिए अवकाश पर जाने से कर्मचारियों की सैलरी जारी नहीं हो पाई है।
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महिला अधिकारी के अवकाश पर जाने से सफाई कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिल पाई है। उच्च अधिकारियों के साथ मिलकर मुद्दे को हल करने का प्रयास शुरू कर दिया है। जैसे ही दूसरे अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार मिलता है तो वेतन जारी कर दिया जाएगा। संभावना है कि शुक्रवार को मसले का समाधान हो जाएगा।
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सद्दाम हुसैन, सीईओ, नगर परिषद