उधमपुर। शहर के साथ लगते स्याल इलाके में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू होने पर स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। उन्होंने रविवार दोपहर को काम को बंद करवा कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस प्लांट में काम करने वाले दिहाड़ीदारों के संक्रमित होने पर पूरे इलाके को रेड जोन बना कर डेढ़ माह तक पाबंदियां लगाई थीं। अब फिर से दिहाड़ीदार बिना मास्क व कोविड नियमों का उल्लंघन कर काम कर रहे हैं।
पवन सिंह के नेतृत्व में दोपहर के समय स्थानीय निवासियों ने काम को बंद करवा कर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि डेढ़ माह पहले स्याल बरियाल इलाके में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में काम करने वाले 14 दिहाड़ीदार कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद प्रशासन ने स्याल, बरियाल और मियां बाग इलाके को रेड जोन बना दिया था। पाबंदियों के कारण पूरे इलाके के सैकड़ों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। कई दिन तक घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया। डेढ़ माह बाद जब प्रतिबंध हटा तो एक बार फिर से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू कर दिया है और काम करने वाले दिहाड़ीदार फिर से लापरवाही बरत रहे है। सामाजिक दूरी का भी ख्याल नहीं रख रहा है। वहीं, निर्माण कंपनी स्थानीय लोगों की बजाए अन्य राज्यों से श्रमिकों को बुलाकर काम करवा रही है। इसका भी सभी विरोध कर रहे हैं। कोरोना कर्फ्यू के कारण स्थानीय दिहाड़ी कई सप्ताह से बेरोजगार हैं और काम को तरस रहे हैं। इसलिए मांग है कि सीवरेज ट्रीटमेंट का काम कोविड एसओपीके तहत करवाने के साथ ही स्थानीय लोगों को भी काम दिया जाए।