प्रशासन के आश्वासनों के बावजूद एक बार फिर वीरवार की शाम को नालवा गांव में तेंदुए ने जाली तोड़कर एक घर में घुसने का प्रयास किया। घरवालों तथा गांव वालों द्वारा शोर मचाए जाने पर तेंदुआ भागा। इस घटना के बाद गांववासियों के सब्र का बांध टूट गया। पूरा गांव जिला मुख्यालय के बाहर वाइल्ड लाइफ एवं वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन एवं वाइल्ड लाइफ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अब्दुल मजीद भंडारी ने कहा कि डोडा में जानवारों के सामने इंसान की जान की कोई कीमत नहीं है। विभाग ने यहां तेंदुए लाकर लोगों की जान लेने के लिए छोड़ दिया है। वाइल्ड लाइफ विभाग ने सिर्फ नाम के ही है। पिछले सप्ताह नालवा में आदमखोर तेंदुए द्वारा छठी कक्षा के छात्र सुहेल जो शिकार बनाए जाने के बाद गांव के ऊपर पिंजरे लगाये गये है। वह भी सड़क पर।
सुबह-शाम वाइल्ड लाइफ के कर्मचारी उन पिंजरों को देखने आते हैं और चले जाते हैं। जबकि तेंदुआ हर रोज गांव में आ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि विभाग विवश है तो प्रशासन वीडीसी सदस्य को उसे मारने की इजाजत दे।
मुख्यालय के बीच में गणपत पुल के पास ही अकसर तेंदुआ अपने बच्चों के साथ टहलता हुआ लोगों को दिखता है, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होेंने कहा कि हमारे डोडा विधायक शक्तिराज परिहार ने ये मामला विधानसभा में भी जोरशोर से उठाया।