उधमपुर। एयर फोर्स स्टेशन में आयोजित एयर शो में आठ विमान और हेलीकाप्टर ने हिस्सा लेकर दम दिखाया। हर विमान और हेलिकॉप्टर की अपनी खूबी है और सभी एक से बढ़कर एक हैं। इनके वायु सेना में होने से भारत की ताकत कई गुणा बढ़ गई है। अब किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि कोई अन्य देश आंख उठा कर भी देख सके।
भारी भरकम चिनूक की ओर लोग काफी आकर्षित दिखे। यह हेलिकॉप्टर पानी की सतह से 30 फुट ऊपर स्थिर रह सकता है। हवा में टिल्ट हो सकता है। दो इंजन वाले चिनूक हेलिकॉप्टर को दो पायलट उड़ाते हैं। इसके अलावा एक फ्लाइट इंजीनियर भी साथ चलता है। इसके भीतर 54 सैनिकों के बैठने की क्षमता है। 54 कुर्सियों को राहत कार्यों के दौरान स्ट्रेचर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। चिनूक हेलिकॉप्टर में नाइट विजन ग्लास और आगे एक शक्तिशाली लाइट लगी होती है, ताकि इसे रात को भी आसानी से उतारा जा सके।
कम ऊंचाई पर उड़ने वाला जगुआर सुपरसोनिक
जगुआर एक सुपरसोनिक कम ऊंचाई पर उड़ने वाला लड़ाकू विमान है। इससे जंगी हथियारों को ले जाने में सहूलियत होती है। विमान के पंखों से इसे शानदार ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है और जमीन पर हमला करने की खासियत के मुताबिक है। इससे भारतीय सेना की ताकत बढ़ रही है।
मिग 29: हवा से हवा और हवा से सतह में हमला करने की क्षमता
हवा से हवा, हवा से सतह और एंटी शिपिंग ऑपरेशन में यह विमान खास है। इसको ग्लास कॉकपिट, डिजिटल स्क्रीन जैसे अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना को धूल चटाने वाले लड़ाकू विमान मिग-29 को अपग्रेड किया गया है। इसके बाद इसकी रफ्तार और ताकत में कई गुना बढ़ी है।
छोटे न्यूक्लियर हथियारों को ले जाने में सक्षम राफेल
राफेल चौथी पीढ़ी का फाइटर जेट है। ग्राउंड स्पोर्ट, डेप्थ स्ट्राइक और एंटीशिप अटैक में सक्षम है। इसकी ताकत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि ये छोटे न्यूक्लियर हथियारों को ले जाने में सक्षम है। राफेल एयरक्राफ्ट 9500 किलोग्राम भार उठाने में सक्षम है। ये अधिकतम 24500 किलोग्राम वजन के साथ उड़ान भर सकता है। इस फाइटर जेट की अधिकतम रफ्तार 1389 किमी/घंटा है। एक बार में ये जेट 3700 किमी तक का सफर तय कर सकता है। हवा से हवा और जमीन दोनों पर हमला करने वाली मिसाइलों से लैस है। भारत के पास 35 राफेल हैं।
फ्लाइंग टैंक अपाचे हेलिकॉप्टर
अपाचे उष्ण-कटिबंधीय क्षेत्रों और मरुस्थलीय इलाकों में ऑपरेशन को अंजाम देने की क्षमता रखता है। इसका टारगेट एक्वीजिशन और डेजिग्नेशन सिस्टम आधुनिक है। इसमें पॉयलट नाइट विजन सेंसर, थर्मल इमेजिंग, डाटा लिकिंग व फायर कंट्रोल राडार (360 डिग्री) सिस्टम भी मौजूद है, जिससे यह अंधेरे में भी दुश्मन पर वार कर सकता है। यह बेहद कम ऊंचाई से हवाई और जमीनी हमले में सक्षम है। अपाचे 21 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है। 280 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से उड़ान भर सकता है। अपाचे 30 मिलीमीटर की दो गन से लैस है। इनमें एक बार में 1,200 गोलियां भरी जाती हैं।
सेना के लिए यूटिलिटी ट्रांसपोर्ट का काम करता है एमआई 17
एमआई-17 हेलीकॉप्टर जमीन पर मौजूद दुश्मनों पर हवाई हमला करने की भी क्षमता रखता है। प्राकृतिक आपदाओं के समय भी वायुसेना इसका उपयोग करती है। यह सेना के लिए यूटिलिटी ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। यह हेलीकॉप्टर हमलों में भी उपयोग किया जाता रहा है। इसके जरिए एस-8 रॉकेट, गन, ऑटो कैनन, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल और प्रीसिशन गाइडेड हथियारों का इस्तेमाल हो सकता है। इसको दुश्मनों के घर के अंदर घुस कर हमला करने में भी इस्तेमाल किया गया है।
चार इंजन की ताकत रखता है कि हरक्यूलिस विमान
हरक्यूलिस के पंखों का फैलाव 40 मीटर और गति 670 किमी प्रति घंटा है। इसमें चार इंजन होते हैं और पैराजंप के काम आता है। इसे भारी-भरकम सामान युद्ध क्षेत्र में गिराने के काम में इस्तेमाल किया जाता है। सैनिकों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में भी सहायक है। इसके वायु सेना में शामिल होने के बाद ताकत में कई गुणा बढ़ी है। कुछ वर्ष पहले इसे लेह में लैंड करा कर सेना ने चीन को भी अपनी ताकत का अहसास करवाया था।