उधमपुर/पंचैरी। लांदर कस्बे में बुधवार को सिलिंडर फटने से घायल हुए नौ लोगों को पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया। उन्होंने मुख्य मार्ग को वीरवार सुबह छह से शाम चार बजे तक जाम कर विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की बर्खास्तगी की मांग उठाई।
जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह छह बजे पूर्व सरपंच राजेंद्र कुमार और अरुण कुमार के नेतृत्व में गुस्साए ग्रामीणों ने मुख्य लांदर मार्ग को बंद कर चक्का जाम कर दिया। इसके अलावा दिनभर व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रखे। पूर्व सरपंच राजेंद्र कुमार और अरुण कुमार ने कहा कि बुधवार रात को लांदर गांव में मनसा राम के घर में गैस सिलिंडर फटने से मवेशियों बचाते समय नौ लोग झुलस गए थे। उन्हें तत्काल पीएचसी लांदर ले जाया गया, लेकिन वहां कोई सुविधा नहीं मिली। मौके पर न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और चालक के ड्यूटी पर नहीं होने से एंबुलेंस की भी सुविधा नहीं मिल पाई। यह बहुत ही चिंताजनक है। इससे स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खुल गई है। इसलिए डीसी से मांग है कि कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मौके पर पंहुचे तहसीलदार नरेंद्र कुमार, बीएमओ अनिल सलोच, एसएचओ विकास डोगरा और डीडीसी सदस्य जसवीर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। उन्होंने डीसी या स्वास्थय विभाग के उच्च अधिकारी के मौके पर आकर स्थिति का जायजा लेने और दोषियों के प्रति सख्त कारवाई की मांग की। बाद में डीडीसी सदस्य के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए और चार बजे धरना-प्रदर्शन खत्म किया। वहीं, चेतावनी दी कि अगर सोमवार तक मुख्य मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह दोबारा से सड़कों उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
यह उठाई चार मुख्य मांगें
डीडीसी पार्षद ने कहा इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं को दूर करने के लिए ग्रामीणों की प्रमुख चार मांग हैं। इसके तहत पीएचसी लांदर में तैनात जिन स्वास्थ्य कर्मियों को उधमपुर में अटैच किया गया है उनको तत्काल डिटैच किया जाए। एंबुलेंस सेवा चौबीस घंटे बहाल रखी जाए, बीएमओ को स्थानांतरित किया जाए और ब्लाक मुख्यालय के सौ मीटर दायर में 24 घंटे दमकल वाहन की सुविधा मुहैया करवाई जाए।