मौसम का मिजाज वीरवार को एक बार फिर बिगड़ गया, जिससे
कड़ाके की ठंड पड़ने लगी। दिन भर जहां शीतलहर चलती रही, वहीं दोपहर बाद
ऊंची पर्वतीय चोटियों पर ताजा हिमपात होने से पहाड़ फिर सफेद हो गए।
पत्नीटाप
में वीरवार को इस सीजन में तीसरी बार बर्फबारी हुई। शाम तक ऊंची चोटियों
पर बर्फबारी जारी थी। वीरवार की सुबह से ही मौसम बदल गया था। आसमान पर काले
बादलों से ठंडी व बर्फीली हवाएं चल रही थी। लेकिन दोपहर बाद मैदानी
क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई।
वहीं जम्मू संभाग के विकसित
प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पत्नीटाप में तीसरी बार बर्फ गिरने से वहां पहुंचे
सैलानियों ने काफी लुत्फ उठाया। नत्थाटाप में भी सैलानियों का जमावड़ा लगा
हुआ था। जैसे ही बर्फ के फाहे गिरने लगे, वहां पहुंचे सैलानी कुदरत के इस
नजारे से रोमांचित हो गए।
बर्फ के फाहों के बीच खूब मौज मस्ती की।
उधर, जुगधार, शिवगढ़ धार, स्योजधार और अन्य ऊंची चोटियां भी बर्फ की चादर
ओढ़ ली। इससे दिन भर शीतलहर का दौर भी जारी रहा। मौसम के बदलते मिजाज से
पूरा क्षेत्र ठंड की चपेट में था और लोग दिनभर अलाव जलाकर ठंड से बचने का
प्रयास कर रहे थे। ठंड के चलते दुकानदारों ने दुकानों को जल्द बंद कर दिया
और कई लोग घरों में ही दुबके रहे।
त्रिकुटा पहाड़ी और भैरो घाटी भी सफेद
वीरवार
दोपहर बाद मौसम में आए बदलाव से त्रिकुटा पहाड़ी की चोटियां और भैरो घाटी
भी सफेद हो गई। जबकि भवन और कटड़ा नगर में हलकी बारिश की फुहार ने ठंड बढ़ा
दी। मौसम बिगड़ने के बाद कटड़ा-सांझीछत के बीच चलने वाली चॉपर सेवा भी
बाधित हो गई।
इससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना
पड़ा। क्योंकि भवन मार्ग के मजदूर भी हड़ताल पर चल रहे हैं। इस बीच भैरो
घाटी पर बर्फ गिरने से वहां पहले से पहुंच चुके श्रद्धालुओं को कड़ाके की
ठंड और शीतलहर का सामना करना पड़ा।