चारों तरफ आसमान को छूने के लिए बेताब पहाड़। मदमस्त करने वाला नदी का बहाव। और एक किनारे पर मछली पकड़ने का आनंद। यह ख्याल आते ही मन किसी ऐसी ही जगह पर पहुंचने के लिए विवश करता है। इसी ख्याल और तमन्ना को हकीकत में बदलने के लिए फिशरीज डिपार्टमेंट उधमपुर ने रामनगर तहसील के गांव किरची में ट्राउट फिश यूनिट बनाने का काम 2006-07 में शुरू किया था, जो फंड की कमी और विवादों के कारण सात वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
d अमर उजाला ब्यूरो
उधमपुर। फिशरीज विभाग ने ट्राउट फिशिंग को बढ़ावा देने के लिए रामनगर तहसील के जखेड़ नदी, थिरडु नाला व किरची स्थित तवी नदी में ट्राउट फिश के बीज डाले थे। तवी में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। 43.3 लाख रुपये की लागत से 2006-07 में सरकारी की तरफ से ट्राउट फिश यूनिट किरची को मंजूरी मिली और काम शुरू किया गया।
करीब 40 लाख की लागत से दो अमेरिकन टाइप रेस वेस, एक कमरा, लेबोरेटरी, स्टोर, रसोई, बरामदा, बाथरूम का कार्य पूरा कर लिया है। 2012 में इनलेट चैनल बनाने के लिए ग्रामीणों द्वारा जमीन न दिए जाने के कारण लंबे समय तक कार्य बंद रहा। जनवरी 2013 में फिशरीज विभाग ने विवाद को सुलझा कर जमीन हासिल कर ली, लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हो सका है। ट्राउट फिश यूनिट किरची का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों का जिले के पहाड़ी इलाकों की तरफ आकर्षित करना है।
इसी को ध्यान में रखकर योजना बनाई गई है।
क्षेत्र को मिलेगी खास पहचान
रामनगर तहसील का किरची इलाका हसीन वादियों से घिरा हुआ है। यहां पर पर्यटन का अपार संभावनाएं हैं। ट्राउट फिश से इलाके को खास पहचान मिलेगी। ज्यादातर विदेशी पर्यटक ट्राउट फिशिंग का आनंद उठाते हैं। इसलिए ट्राउट फिश यूनिट के पूरा होने पर यह जगह ट्राउट फिशिंग का अच्छा स्थान बन सकता है।
53 लाख से होगी सजावट
फिशरीज विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर लाल हुसैन ने बताया कि ट्राउट फिश यूनिट किरची की लागत 43.5 लाख रुपये से बढ़ कर एक करोड़ से भी ज्यादा बढ़ चुकी है। अब 34.9 लाख की लागत से इनलैट चैनल, फिडिंग चैनल, माउथ वाल, आउट लैट चैनल का निर्माण किया जाएगा। इनलैट चैनल, आउट लैट चैनल का निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया है। इसके अलावा 53 लाख सजावट पर खर्च करने की योजना है।