उधमपुर/पंचैरी। दूर दराज ग्रामीण इलाकों में विद्यार्थियों को गुणवत्ता भरी शिक्षा प्रदान करने वाला शिक्षा विभाग आज तक गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल (जीएचएसएस) पंचैरी के हास्टल की मरम्मत नहीं करवा पाया है। हालात यह बन चुके हैं कि रख रखाव के अभाव में वर्तमान समय में हास्टल की इमारत खंडहर में तब्दील हो चुकी है। हास्टल की सुविधा न मिलने के कारण वर्षों से विद्यार्थी किराए के कमरे में रहने को मजबूर हैं।
हायर सेकेंडरी स्कूल पंचैरी में प्रत्येक वर्ष दूर दराज ग्रामीण इलाकों से विद्यार्थी हायर सेकेंडरी स्तर की शिक्षा हासिल करने के लिए पहुंचते हैं, क्योंकि उनके ग्रामीण इलाकों में आज तक हायर सेकेंडरी स्कूल की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षा हासिल करने के दौरान इन विद्यार्थियों को सबसे बड़ी परेशानी हास्टल की होती है, क्योंकि रख रखाव के अभाव में हास्टल की इमारत खंडहर में तब्दील हो चुकी है।
2004 में बंद हुआ हास्टल
1982 में शिक्षा विभाग की तरफ से विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पंचैरी में स्कूल के नजदीक टीन की छत वाला हास्टल बनाया गया था। रात गुजारने के लिए छत मिलना ही बड़ी राहत थी। लेकिन एक समय बाद हास्टल की हालत खराब होती गई। 2004 में हास्टल को बंद कर दिया गया। वर्तमान समय में इमारत खंडहर में तब्दील हो चुकी है।
आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला
हास्टल की सुविधा न होने के कारण विद्यार्थियों को पंचैरी में किराए पर कमरा लेकर रहना पड़ रहा है। इसके कारण उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने हास्टल की मरम्मत या फिर नए हास्टल की मांग को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ डीसी के सामने भी रखा है, जहां से केवल आश्वासन ही हासिल हुए हैं।