जिब (ब्यूरो)। जिब थाती हल्के में सिंचाई का एकमात्र साधन दूधर नहर है। इस नहर से हल्के की पांच छह पंचायतों में कृषि भूमि की सिंचाई होती है। नहर में इन दिनों पानी की कमी होने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगी हैं।
जानकारी के मुताबिक दूधर नहर में बीस क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है, लेकिन इन दिनों सिंचाई विभाग द्वारा सिर्फ छह क्यूसेक पानी इस नहर में छोड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के कि सानों को पानी की कमी खल
रही है।
बडोला के सरपंच भीम सिंह, धन्नी के सरपंच लाल चंद, कैंबलडंगा के सरपंच सुभाषचंद्र आदि ने बताया कि इन दिनों किसानों को सिंचाई के लिए पानी की अधिक जरूरत होती है। किसान धान की कटाई करने के बाद अपने अपने खेतों में हरा चारा लगाते हैं, जिसके बीज लगाने का समय अक्तूबर माह होता है। ऐसे में नहर में कम पानी होने से क्षेत्र के किसान परेशान हैं।
सिंचाई विभाग के जेई महेश शर्मा ने बताया कि पिछली मूसलाधार बारिश में बाढ़ आने की वजह से दूधर नाले में पानी रोकने वाला बांध बह जाने से नहर में पानी कम आ रहा है। जल्द ही बांध को पक्का करने का काम किया जाएगा, ताकि नहर में पर्याप्त पानी छोड़ा जा सकेगा। किसानों ने कहा कि उनकी समस्याओं पर अक्सर ही लोग आंख मूंद लेते हैं, जबकि जरूरत आंख खोलने की है।