उधमपुर। जिला उधमपुर में किसानों को सिंचाई की सुविधा पर्याप्त मिल सके, इस उद्देश्य से लगभग दो साल से 32 सिंचाई परियोजनाओं के प्रोजेक्ट की मंजूरी के बाद कार्य जारी है, लेकिन अबतक करीब बीस से पच्चीस फीसदी ही कार्य हो सके हैं। इन परियोजनाओं को लेकर फंड का इंतजार किया जा रहा है।
एक्सिलेरिटेड इरीगेशन बेनिफिट प्रोग्राम के तहत केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत जिले में 32 सिंचाई परियोजनाओं को लेकर करीब 1490 लाख का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था, जिसकी मंजूरी मिलने के बाद कुछ राशि आई और इसके आधार पर कार्य करवाए गए। उधर, वर्ष-2012-13 में करीब 34 अन्य सिंचाई परियोजनाओं को सिंचाई विभाग उधमपुर के द्वारा तैयार किया गया है जिसमें उधमपुर विधान सभा सहित रामनगर, चिनैनी व रियासी की एक सिंचाई परियोजना शामिल हैं, जिसे मंजूरी के लिए सरकार को विभाग द्वारा भेजा गया है। जानकारी के मुताबिक एक्सिलिरेटेड इरीगेशन बेनिफिट प्रोग्राम के तहत टेक्निकल ऐप्रूवल कमेटी के द्वारा करीब 34 इरीगेशन स्कीमों को प्रोजेक्ट के रुप में तैयार किया गया है। इन स्कीमों को लेकर विभाग के माध्यम से उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है, ताकि इसकी मंजूरी मिल सके। बताया जा रहा है कि उधमपुर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत दस सिंचाई परियोजनाओं को तैयार किया गया है जबकि रामनगर विधान सभा में नौ सिंचाई परियोजना, चिनैनी विधान सभा में सबसे अधिक 15 परियोजनाएं तैयार की गई हैं, जबकि रियासी विधान सभा के लिए एक सिंचाई परियोजना तैयार की गई है।
जिले के किसान बारिश पर ही निर्भर रहते हैं। सिंचाई सुविधाएं केवल छह से सात फीसदी तक ही अबतक उपलब्ध हैं। किसानों की रबी या खरीफ की फसल का उत्पादन समय पर बारिश नहीं होने से उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाता। कभी रबी की फसल बर्बाद हो जाती है, तो कभी खरीफ की फसल प्रभावित होती हैं।
इस संबंध में सिंचाई विभाग उधमपुर के एक्सईएन जगदीश राज का कहना है कि जिले में सिंचाई की सुविधाएं किसानों तक पहुंचाने के लिए पिछले दो साल से 32 स्कीमें चलाई जा रही हैं। वहीं, इसको लेकर फंड का इंतजार किया जा रहा है, जबकि टेक्निकल ऐप्रूवल कमेटी के तहत एआईबीपी-वर्ष-2012-13 में करीब तीस से अधिक सिंचाई परियोजनाओं के प्रोजेक्ट तैयार किया गया है और सरकार को भेजा गया