उधमुपर। दिन ब दिन उधमपुर शहर की जनसंख्या में वृद्धि हो रही है। वर्तमान समय में शहर की जनसंख्या एक लाख के करीब पहुंच चुकी है, लेकिन आज तक जिला प्रशासन शहर में न तो सीवरेज की व्यवस्था और न ही जल निकासी का उचित प्रबंध कर पाया है। चंद लोगों ने शौचालयों के लिए सैप्टिक टैंक बना रखे हैं, जबकि आधी से अधिक आबादी गंदगी सीधे गली-मोहल्लों में बनी नालियों में डाल रहे हैं। मंत्रियों की अध्यक्षता में आयोजित जिला विकास बोर्ड की बैठकों में भी सीवरेज के लिए कोई प्रोजेक्ट मंजूर नहीं किया जा सका है।
बढ़ी हुई आबादी को देखते हुए शहर के वार्डों की संख्या को 17 से बढ़ाकर 21 कर दिया गया है। सीवरेज नहीं होने के कारण कई लोगों ने अपने शौचालयों की पाइपों को नाली और नालियों में डाल रखा है। जिससे शौचालयों की गंदगी से सारा वातावरण दिन ब दिन दूषित हो रहा है। कुछ शहरवासियों ने तो अपने सैप्टिक टैंक की पाइप को पवित्र देविका नदी में डाल रखा है। जिससे देविका नदी भी प्रदूषण का शिकार हो चुकी है। शहर में स्ट्राम वाटर ड्रेन (बड़े नाले) की सख्त जरूरत है।