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Udhampur News: 91 सरकारी प्राइमरी स्कूलों को मिडिल स्कूलों में किया जाएगा मर्ज

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शिक्षा विभाग की ओर से बंद किया जा रहा सरकारी प्राइमरी
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-बच्चों की संख्या कम होने के चलते शिक्षा विभाग की ओर से उठाया जा रहा कदम
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। एक तरफ शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में बेहतर पढ़ाई व मूलभूत सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करते रहता है तो वहीं जिले के 1427 स्कूलों में से 91 सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने के लिए एक प्रस्ताव बनाकर विभाग ने उच्च अधिकारियों को भेजा है।
जिन स्कूलों को बंद किया जा रहा है वहां पर बच्चों की संख्या एक से दो है और स्कूल में दो बच्चों पर भी दो शिक्षक लगे हुए हैं। उन्हीं स्कूलों को बंद कर दूसरे स्कूल में मर्ज करने के लिए प्लान बनाकर विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। जिले में चल रहे 808 प्राइमरी स्कूलों में सर्वे के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या कितनी है। जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या एक से पांच तक है उन स्कूलों को चयनित किया जाए।
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टीम की ओर से जिले के 11 जोन में बने सरकारी प्राइमरी स्कूलों का सर्वे किया गया तो पता चला कि जिला में चल रहे प्राइमरी स्कूलों में कुछ ऐसे स्कूल हैं जहां पर एक या दो बच्चे ही पढ़ रहे हैं। टीम ने जिला में 91 ऐसे स्कूलों को चयनित किया जहां पर बच्चों की संख्या न के बराबर है। वहीं टीम ने सर्वे करने के बाद अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी। जिसके बाद विभाग की ओर से इन स्कूलों को मिडिल स्कूलों में मर्ज कर इन चयनित हुए स्कूलों को बंद करने के लिए एक प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए अपने उच्च अधिकारियों को भेज दिया। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, इन स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा।


रामनगर जोन में सबसे अधिक प्राइमरी स्कूल होंगे बंद
विभाग की ओर से जिन प्राइमरी स्कूलों को बंद करने के लिए चयनित किया गया है उनमें सबसे ज्यादा स्कूल रामनगर जोन में हैं। क्योंकि विभाग द्वारा बनाई गई टीम ने जब अपना सर्वे शुरू किया तो सबसे ज्यादा रामनगर जोन में बने प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की संख्या न के बराबर पाई गई। बंद होने जा रहे 91 स्कूलों में सबसे अधिक रामनगर जोन में हैं।
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कोट....


जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या न के बराबर है, उन्हें बंद कर मिडिल स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। टीम ने 91 स्कूलों को चयनित किया था। इसका प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। जैसे ही मंजूरी मिलती है, आगामी कार्यवाही की जाएगी।
-कल्पना जसरोटिया, डिप्टी सीईओ
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