उधमपुर। जिले में कोरोना वैक्सीन लगवाने लोगों की संख्या में हर रोज गिरावट हो रही है। जागरूक करने के बाद भी लोग वैक्सीन लगाने के लिए अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के पर्याप्त संख्या में कोरोना वैक्सीन की डोज मौजूद है, लेकिन लोगों के न पहुंचने के कारण स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ने लगी है।
देश को कोरोना संकट से बाहर निकालने के लिए सबसे बड़ा हथियार कोरोना वैक्सीन को माना जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में वैक्सीन लगवाने वाले ज्यादा और वैक्सीन कम है। लेकिन उधमपुर में इसका उल्ट हो रहा है। जिला उधमपुर में अब वैक्सीन लगवाने के लिए बहुत कम संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। करीब सप्ताह से एक हजार से कम लोग वैक्सीन लगवा रहे हैं। रविवार को तो केवल 273 लोग ही कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए पहुंचे हैं। इनकी संख्या में गिरावट से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ने लगी है। रविवार को दो स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पहली डोज, आठ फ्रंट लाइन वर्कर्स ने पहली डोज और एक ने दूसरी डोज, 45 से 60 आयु वर्ग के 196 लोगों ने पहली डोज और एक ने दूसरी डोज और 65 वरिष्ठ नागरिकों ने पहली डोज लगवाई है। स्वास्थ्य विभाग के पास रविवार शाम तक 4027 डोज उपलब्ध है।
यात्री वाहन न चलने के कारण कम संख्या में पहुंच रहे लोग
45 से 60 और वरिष्ठ नागरिकों का कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए कम संख्या में पहुंचने का एक बड़ा कारण यात्री वाहनों का बंद होना है। दूर दराज ग्रामीण इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को कोरोना वैक्सीन पीएचसी और सीएचसी में लगाई जा रही है। इनके लिए इन स्थानों पर पहुंचने का एकमात्र साधन यात्री वाहन है। कोरोना कर्फ्यू के चलते करीब एक महीने से यात्री वाहन बंद हैं और ग्रामीण वैक्सीन लगवाने के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रशासन की तरफ से भी इसकी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के पर्याप्त संख्या में वैक्सीन मौजूद है, लेकिन लोग ही वैक्सीन लगाने के लिए नहीं पहुंच रहे है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है, लेकिन चंद लोग ही वैक्सीन लगाने के लिए पहुंच रहे हैं।
- डा. चंद्रकांता, डीआईओ, उधमपुर