जम्मू कश्मीर के युवाओं को आतंकवाद से दूर करने और उन्हें नई दिशा देने के उद्देश्य से शुरू की गई उड़ान योजना का असर अब राज्य में दिखने लगा है।
केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना धीरे-धीरे गति पकड़ती जा रही है। इसके तहत इस माह राज्य के 900 युवाओं को सरकारी और निजी कंपनियों ने विशेष प्रशिक्षण देने के लिए चुना है।
प्रशिक्षण मिलने के बाद इन युवाओं को विभिन्न सरकारी और निजी कंपनियों में नौकरी भी दी जाएगी। केंद्र सरकार के अनुसार अगले माह के अंत तक प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं की संख्या 900 से बढ़कर 1600 हो सकती है।
केंद्र सरकार ने खोला नौकरियों का पिटारा
उड़ान के तहत केंद्र ने पांच साल में राज्य के 40000 युवाओं को रोजगार देने की योजना बनाई थी। हालांकि केंद्र सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक निजी और सरकारी कंपनियों ने अब 49000 युवाओं को विशेष प्रशिक्षण और नौकरी देने का आश्वासन दे दिया है।
प्रधानमंत्री ने घाटी के नौजवानों को रोजगार देने के मकसद से जनवरी 2013 में नेशनल स्किल डेवेलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) के अंतर्गत इस योजना को शुरू किया था।
इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए एनएसडीसी 27 निजी और 6 सरकारी कंपनियों के साथ अगले माह तक एमओयू साइन कर लेगी। उड़ान के लिए केंद्र सरकार ने 750 करोड़ रूपये स्वीकृत किए थे।
इसके तहत विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को लगभग 350 से 500 रुपये प्रतिदिन उनके ठहरने और खाने-पीने के लिए दिये जाते है।
नौकरी देने वाली कंपनियों को भी केंद्र सरकार 54000 रुपये सहायता राशि के रूप में देती है।