भाजपा में टिकट बंटवारे को लेकर घमासान बढ़ता जा रहा है। करीब एक दर्जन विधानसभा क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पार्टी के बड़े नेताओं के सामने विरोध जताया।
इस दौरान प्रदेश कार्यालय और चुनाव प्रभारी नितिन गडकरी के तीन मूर्ति लेन स्थित आवास पर प्रदर्शनों का दौर चला।
पार्टी कार्यालय पर प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष की गाड़ी घेर ली और नारेबाजी की।
शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे महरौली इलाके के कार्यकर्ता प्रदेश प्रभारी नितिन गडकरी के घर पर प्रवेश वर्मा को टिकट देने और शेर सिंह डागर को मौका नहीं देने पर नाराजगी जताने पहुंचे।
उन्होंने प्रवेश वर्मा को बाहरी उम्मीदवार बताने वाली तख्तियां ले रखी थीं। इन्होंने काफी देर तक नारेबाजी की। उसके बाद प्रदेश कार्यालय विरोध करने पहुंचे।
वहां भी काफी देर तक विरोध किया, लेकिन उनकी सुनने के लिए कोई भी नेता मौजूद नहीं था।
इसके कुछ देर बाद प्रदेश मंत्री कमलजीत सहरावत ने समर्थकों के साथ नितिन गडकरी के घर पर दस्तक दी।
उन्होंने मटियाला से राजेश गहलोट को टिकट देने का विरोध किया। सहरावत ने कहा कि राजेश गहलोट को वर्षों से नगर निगम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे रखी है।
अब उनको मटियाला और चचेरे भाई कृष्ण गहलोट को विकासपुरी से टिकट देना ठीक नहीं है।
कुछ ही देर बाद वकीलों की एक टोली अपने साथी सूर्य प्रकाश खत्री को तिमारपुर से टिकट नहीं दिए जाने पर नितिन गडकरी से मिलने पहुंची।
उन्होंने कहा कि खत्री पिछला चुनाव बहुत ही कम वोट से हारे थे। ऐसे में उनके बजाय रजनी अब्बी को टिकट देना सही नहीं होगा। हालांकि पार्टी ने अभी इस सीट पर उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
दूसरी ओर बल्लीमारान से पूर्व पार्षद मोहम्मद इमरान इस्माइल को टिकट नहीं देने पर मुस्लिमों का एक जत्था प्रदेश कार्यालय पहुंचा। इस दौरान उन्होंने विजय गोयल का घेराव किया।
कई युवक उनकी गाड़ी के आगे लेट गए। इसके अलावा बदरपुर, लक्ष्मी नगर, बाबरपुर और मादीपुर इलाकों से भी कार्यकर्ता अपने इलाके से घोषित उम्मीदवार का विरोध करने के लिए पार्टी नेताओं से मिले।