2018 में थे 5,85,42,08 मतदाता
प्रदेश में पंचायतों के अंतिम चुनाव 2018 में हुए थे। इन चुनाव में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 5,85,42,08 थी। इनमें कश्मीर संभाग में 2,99,11,28 तो जम्मू संभाग में 2,86,30,80 मतदाता पंजीकृत थे। चुनाव आयोग ने उस समय नौ चरणों में चुनाव करवाए थे। अब आठ साल बाद इस संख्या में चार फीसदी से ज्यादा उछाल की संभावना जताई जा रही है।
ओबीसी आरक्षण से तय होंगी सीटें
पंचायतों और नगर निकाय के चुनाव में सीटें तय करने में आरक्षण का किरदार सबसे अहम होगा। आबादी के आधार पर सीटों का बंटवारा किया जाना है। प्रदेश में एससी, एसटी और महिला वर्ग के आरक्षण का प्रारूप पहले से तय है लेकिन ओबीसी को लेकर संशय बरकरार है। अब आयोग की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आरक्षण लागू करती है तो पंचायत और निकाय के चुनाव में इस वर्ग के खाते में कितनी सीटें जाएंगी यह आंकड़ा साफ हो जाएगा।
पंचायत चुनाव पर मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान 27 मार्च को शुरू हुआ था। इसे आयोग 15 मई को खत्म कर रहा है। इस दौरान प्रदेश भर में जितने भी दावे और आपत्तियां सामने आई हैं, उनमें से ज्यादातर का निपटारा कर लिया गया है। जो रह गई हैं उनका 15 मई को पूरी तरह निवारण हो जाएगा। आयोग ने जो जिम्मा उठाया था उसे पूरा कर लिया है। अब रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। चुनाव कब करवाने हैं यह फैसला सरकार को लेना है। आरक्षण पर भी फैसला करना होगा। इस बारे में सरकार को आयोग ने पत्र लिखा है। -शांतमनु, आयुक्त, चुनाव आयोग