राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रांत संघचालक ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) सुचेत सिंह ने जेएनयू मामले में देशद्रोहियों को चिह्नित कर कार्रवाई पर जोर दिया है। सिंह ने संघ की तुलना आतंकी संगठन आईएस से करने के राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के बयान को उनकी मानसिकता को देश के सामने उजागर करने वाला बताया है।
सिंह ने लद्दाख में चीन की घुसपैठ को चिंताजनक बताया है और पाकिस्तान के साथ वार्ता को जारी रखने का मामला केंद्र सरकार के क्षेत्राधिकार का बताया है। हालांकि बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है।
जम्मू में बुधवार को पत्रकार वार्ता में प्रांत संघ चालक ने आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधिसभा की 11 से 13 मार्च तक राजस्थान के नागौर में हुई बैठक में पारित प्रस्तावों की जानकारी दी। उन्होंने
कहा कि पहला प्रस्ताव प्रभावी स्वास्थ्य, रक्षा एवं सस्ती और सुलभ चिकित्सा की आवश्यकता का पारित किया गया।
दूसरा प्रस्ताव गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती शिक्षा सबको सुलभ हो तथा तीसरा प्रस्ताव दैनंदनी जीवन में समरसतापूर्ण व्यवहार से संबंधित है। इस अवसर पर प्रांत कार्यवाह पुरुषोत्तम दधीचि ने बताया कि पूरे देश में शाखाओं में बढ़ोतरी हुई है।
पिछले एक साल में संघ की 5500 शाखाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा समाज के बीच संघ की स्वीकार्यता बढ़ी है। देश भर में 58000 गांवों तक संघ की पहुंच है। जम्मू कश्मीर में पिछले वर्ष की तुलना में बीस फीसदी शाखाओं में बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि आचार्य अभिनव गुप्ता का सहस्त्राब्दी समारोह वर्ष पूरे देश में मनाने का निर्णय लिया गया है। अभिनव गुप्ता का संबंध जम्मू कश्मीर से रहा है, इसलिए यहां पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन होगा।