यात्रा सीजन में रुद्रप्रयाग जिले की तिलणी, सुमेरपुर और डुंगरी-सेमार गांव की महिलाएं तीर्थयात्रियों को बिना सरकारी के मदद के निशुल्क भोजन कराएंगी। महिलाओं ने एक दिन में लगभग एक हजार यात्रियों को भोजन कराने की योजना बनाई है। महिलाओं ने इस कार्य के लिए दानदाताओं से सहयोग की अपील की है।
दरअसल दुर्गा अन्न स्वराज महिला समूह तिलणी, मच्छेंद्रनाथ अन्न स्वराज महिला समूह तिलणी और हरियाली अन्न स्वराज महिला समूह डुंगरी सेमार गांव की 50 सदस्य आर्थिक स्वावलंबन का कार्य कर रही हैं। इस यात्रा सीजन में उन्होंने यात्राकाल में यात्रियों के लिए प्रतिदिन भंडारा लगाने का विचार किया है। समूह की अध्यक्ष बसंती देवी, आशा कठैत और सुंदरा देवी का कहना है कि जब सिख धर्म के लोग पंजाब से आकर यात्रा मार्ग पर भंडारा लगा सकते हैं, तो स्थानीय लोग क्यों नहीं लगा सकते।
अगर जनता का आर्थिक सहयोग मिले, तो वह प्रतिदिन 1000 लोगों को खाना बनाकर खिला सकते हैं। समूहों के साथ समन्वय कर रहे मधुर दरमोड़ा ने बताया कि वह जगह-जगह संपन्न लोगों, व्यापारी वर्ग और किसानों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि सामग्री के लिए पैसे जुटाए जा सके। बताया कि केदारनाथ आपदा के समय पहाड़ के लोगों की बनी गलत छवि को बदलने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है।