हिंडोलाखाल में शराब की दुकान के विरोध में महिलाओं व व्यापारियों ने दुकान के बाहर व थाने में जमकर हंगामा काटा। महिलाओं ने कहा कि वह किसी भी स्थिति में हिंडोलाखाल बाजार में शराब की दुकान नहीं खुलने देंगे।
रविवार को महिलाओं को सूचना मिली की शराब की दुकान से कुछ लोग चोरी छुपके वाहन में शराब लद रहे है। जब तक महिलाएं शराब की दुकान पर पहुंची तब तक युवक वहां से भाग निकलेे। इस पर आक्रोशित महिलाएं व स्थानीय व्यापारी थाना चौकी पहुंचे जहां उन्होंने शराब की दुकान को बंद करवाए जाने व चोरी छुपके शराब बेचने पर प्रतिबंद लगाए जाने के लिए हंगामा काटा।
इस पर चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह असवाल ने अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाओं व व्यापारियों का गुस्सा शांत हुआ। इस मौके पर कौशा भट्ट, योगिता चौहान, डा. जेपी उनियाल, मोरचंद कुमांई, बुद्धि सिंह, रघुवीर सिंह, पंकज डंगवाल, सुरेश आर्य, शिव सिंह चौहान, भगवानदेई, सरस्वती, नीलम, उषा व दिव्या देवी आदि शामिल थे।
शराब की दुकान के विरोध में प्रदर्शन
श्रीनगर। अलकेश्वर घाट के समीप शराब की दुकान खोलने की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया।
रविवार को विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों और गौ भक्तों ने अलकनंदा नदी किनारे प्रदर्शन कर गोतीर्थाश्रम में धरना दिया। कहा गया कि सरकार को राजस्व बढ़ाने के लिए शराब के बजाय दूसरे विकल्प तलाशने चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि जहां शराब की दुकान का आवंटन किया जा रहा है। उसके समीप गोतीर्थाश्रम और स्नान घाट है। यहां नमामि गंगे परियोजना के तहत आधुनिक स्नान घाट का निर्माण किया जा रहा है। कहा कि ऐसे स्थान पर दुकान खोलने का निर्णय लेना गलत है। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे आंदोलनों का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। सरकार को मातृ शक्ति की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। प्रदर्शन में डा. अरविंद दरमोड़ा, मोहन काला, प्रेमबल्लभ नैथानी, समीर रतूड़ी, नवीन नौटियाल, प्रदीप रावत, विभोर बहुगुणा, आयुष मियां और धीरेंद्र भंडारी आदि शामिल थे।