जेल में सोनम वांगचुक नियमित रूप से व्यायाम, ध्यान और अध्ययन करते हैं
गीतांजलि जैन आंगमो ने कहा कि सोनम वांगचुक मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत हैं। वह जेल में भी नियमित रूप से व्यायाम, ध्यान और अध्ययन करते हैं। खुद को और अधिक वैचारिक गहराई दे रहे हैं। वे इतिहास, राष्ट्रवाद, वास्तुकला और श्री अरविंदो व जवाहरलाल नेहरू जैसे चिंतकों की रचनाएं पढ़ते हैं। सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई पर कहा, हमारा केस मजबूत है। दुनिया विश्वास पर चलती है। सत्य की जीत होगी, इस पर हमें पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, आम तौर पर जिस तरह की तारीखें मिलती हैं उसके मुकाबले हमें अपेक्षाकृत जल्दी तारीखें मिल रही हैं।
केंद्र सरकार लद्दाख से किए चुनावी वादों से पीछे हट रही
आंगमो ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लद्दाख से जुड़े चुनावी वादों से पीछे हट रही है। इससे किसी का फायदा नहीं है बल्कि लद्दाख कई साल पीछे जा रहा है। उन्होंने एजेंसियों पर भी कथित उत्पीड़न का आरोप लगाया और कहा कि सरकार राजनीतिक उत्पीड़न के बजाय हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (हायल) को समर्थन देती तो यह भारत की विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी बन सकती थी। उन्होंने कहा, तमाम अड़चनों के बावजूद फेलोशिप कार्यक्रम जारी हैं। हालांकि नए कार्यक्रमों को टालना पड़ा है।
आज के फैसले लद्दाख को 100 साल तक प्रभावित करेंगे
छठी अनुसूची की मांग के सवाल पर गीतांजलि ने कहा, यह लद्दाख की जमीन और संसाधनों की सुरक्षा का सवाल है। आज लिए गए फैसले लद्दाख को अगले 100 साल तक प्रभावित करेंगे। विकास का मतलब संरक्षण को नकारना नहीं है बल्कि स्थानीय लोगों की सहमति और उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी से विकास होना चाहिए। उन्होंने वांगचुक की गिरफ्तारी और आंदोलन के दौरान चार लोगों की मौत के दिन को काला दिन बताया।
नवाचार और शिक्षा की आवश्यकता पर दिया जोर
लद्दाख पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव...कम होती बर्फबारी, अनियमित बारिश और पारंपरिक जीवनशैली पर असर पर बात करते हुए आंगमो ने नवाचार और शिक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, परिवर्तन ही एकमात्र स्थायी सत्य है। अगर हम अपनी युवा पीढ़ी को कौशल, मूल्य और मजबूती के साथ तैयार करें तो डरने की कोई जरूरत नहीं।
देर है अंधेर नहीं
आंगमो ने सोनम वांगचुक का संदेश साझा किया...देर है अंधेर नहीं। उन्होंने लद्दाख के लोगों और नेतृत्व से एकजुटता, धैर्य और दृढ़ता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि अगर मिलकर लगातार प्रयास करते रहें तो पहाड़ भी टूट सकते हैं।
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