पांच साल पहले मौत हो जाने के बावजूद जीजीआईसी मार्ग निवासी सुखबीर प्रसाद वोटर लिस्ट में आज भी जिंदा हैं। जबकि कई मतदाता वोटर लिस्ट में नाम न होने से मतदाता केंद्रों से बैरंग लौटे। वोटर लिस्ट तैयार करने में हुई लापरवाही पर मतदाताओं ने कड़ा आक्रोश जताया है।
जीजीआईसी मार्ग निवासी सुखबीर प्रसाद की पांच वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है, लेकिन वह आज भी वोटर लिस्ट में जिंदा हैं। इसके अलावा अपर बाजार निवासी कालीशंकर थपलियाल की मृत्यु एक वर्ष पूर्व हो चुकी है, लेकिन उनका नाम आज भी वोटर लिस्ट में दर्ज है। जबकि कई मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं। प्रसिद्ध रंगकर्मी राकेश भट्ट व उनकी पत्नी भावना भट्ट का नाम वोटर लिस्ट से गायब था। जबकि उक्त दंपति सुबह करीब साढ़े नौ बजे ही जीजीआईसी स्थित मतदान केंद्र पर पहुंच चुके थे।
कोठड़ निवासी ऊषा देवी भट्ट, श्रीकोट निवासी सुशीला, मंजू खत्री आदि भी मतदान केंद्रों पर पहुंचे, लेकिन वहां जाकर पता चला कि वोटर लिस्ट में नाम नहीं है। देवप्रयाग निवासी 91 वर्षीय सुमित्रा देवी डेढ़ किमी का सफर तय कर मतदान केंद्र पर तो पहुंची पर वोटर लिस्ट में नाम न होने से मतदान नहीं कर पाई। मतदान किए बिना ही लौटे मतदाताओं ने कहा कि प्रशासन ने वोटर लिस्ट बनाने में केवल औपचारिकता निभाई है।