फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विश्व में चमक रही उत्तराखंड की बेटी

Tue, 07 Mar 2017 10:33 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, श्रीनगर।
विज्ञापन
ले. कमांडर वर्तिका जोशी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
समुद्री लहरों को चीरते हुए उत्तराखंड के बेटी लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी विश्व भ्रमण करेगी। वर्तिका पाल नौका आईएनएसवी (इंडियन नेवल सेलिंग वेसल)तारणी से पूरी दुनिया का चक्कर लगाएगी। 
विज्ञापन


महिला सशक्तिकरण और समुद्र में महिलाओं की भागीदारी का संदेश देने के लिए नौ सेना ने महिलाओं की टीम तैयार की है। इसमें टीम लीडर से लेकर सभी स्टाफ महिलाएं हैं। यह टीम ग्लोब को नापकर दुनिया में नया इतिहास रचेेगी। भारतीय नौसेना की महिला टीम अगस्त माह मेें पाल नौका आईएनएसवी (इंडियन नेवल सेलिंग वेसल) तारणी से पूरी दुनिया का चक्कर लगाएगी। 

इस अभियान की अगुवाई उत्तराखंड की बेटी लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी करेंगी। केंद्रीय गढ़वाल विवि श्रीनगर के शिक्षा विभाग के प्रो. पीके जोशी और राजकीय महाविद्यालय ऋषिकेश में हिंदी विभाग की अध्यक्ष डा. अल्पना जोशी की बेटी वर्तिका वर्ष 2010 में नौ सेना अधिकारी बनी।
विज्ञापन


वर्तिका सहित छह महिला अधिकारी आईएनएसवी तारणी में अगस्त 2017 में भारतीय नौ सेना के महत्वाकांक्षी साहसिक अभियान के तहत सागर परिक्रमा करने जा रही हैं। भारतीय इतिहास के इस अभियान में उनकी टीम बिना रुके समुद्र की लहरों को चीरते हुए विश्व भ्रमण करेंगी। इससे पूर्व वह आईएनएसवी महादेई में सफलतापूर्वक कई अभियान पूरा कर चुकी हैं। नौ सेना ने उत्तराखंड की बहादुर बेटी वर्तिका को अभियान का जिम्मा सौंपा हुआ है।

क्या है आईएनएसवी तारिणी
समुद्री पाल नौका तारिणी को इसी साल फरवरी माह में नौसेना में शामिल किया गया। महादेई के बाद नौसेना की यह दूसरी पाल नौका है। पहले टीम को आईएनएसीवी महादेई में सवार होकर विश्व परिक्रमा करनी थी। लेकिन अब तारणी में सवार होकर भारत की वीर बालाएं दुनियां जीतने निकलेंगी। तारिणी सेटेलाइट संचार प्रणाली से लैस है, जिसके जरिए यहां नौका से हर समय कंट्रोल रूम का संपर्क बना रहेगा। यह नौका मानवशक्ति से चलती है। इसे चलाने वाले हवा की ताकत का उपयोग करके सफर करते हैं। अभी वर्तिका की टीम ने इसका ट्रायल भी पूरा कर लिया है।

वर्तिका की उपलब्धि
ले. कमांडर वर्तिका की स्कूली शिक्षा-दीक्षा श्रीनगर और ऋषिकेश से हुई है। उन्होंने एमिटी विवि से एरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक और आईआईटी दिल्ली से एमटेक किया है। नौ सेना में भर्ती होने के बाद वह ब्राजील के रियो डि जिनोरियो से दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन तक पांच हजार नॉटिकल मील का समुद्री अभियान तय कर चुकी है।

26 जनवरी 2015 को को गणतंत्र दिवस की परेड में आयोजित झांकी में वह अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के समक्ष नारी शक्ति का प्रदर्शन कर चुकी है। 2016 में उनकी टीम आईएनएसवी महदेई  में  विशाखापट्टनम से गोवा तक लगभग तीन हजार किमी की समुद्री यात्रा तीन सप्ताह में तय कर चुकी है। अपने बेहतर प्रदर्शन के बलबूते वह स्वतंत्रता दिवस पर नौ सेनाध्यक्ष प्रशस्ति पत्र भी हासिल कर चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें