श्रीकोट विद्या मंदिर स्कूल के गेट के बाहर प्रदर्शन करते स्थानीय लोग
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दीवार निर्माण को लेकर नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड एक (श्रीकोट निचला) के लोगों और एक विद्यालय में विवाद हो गया। लोगों का आरोप था कि विद्यालय वर्षों पुराने आम रास्ते को बंद कर रहा है। इससे नदी और प्रस्तावित बहुउद्देशीय पार्क तक जाने का मार्ग बंद हो रहा है। इस दौरान हंगामा होने पर तहसीलदार और पुलिस मौके पर पहुंचे। निर्णय लिया गया कि जमीन की नापजोख करने के साथ ही रास्ते का विकल्प भी ढूंढा जाएगा।
बृहस्पतिवार को श्रीकोट में अलकनंदा नदी किनारे स्थित सरस्वती विद्या मंदिर की ओर से स्कूल परिसर के एक कोने में टिन की दीवार खड़ी कर दी गई। इस पर स्थानीय लोगों में आक्रोश जताया। मौके पर पहुंचे नगर पालिका सभासद संजय फौजी सहित अन्य लोगों का कहना था कि स्कूल प्रशासन आम रास्ता बंद करवा रहा है। यह मार्ग प्रस्तावित स्टेडियम और पार्क की ओर जाता है। उन्होंने कहा कि स्कूल ने सरकार की ओर से दी गई भूमि से अधिक हिस्से पर कब्जा किया हुआ है। यदि रास्ता बंद होता है, तो वाहन पार्किंग की भी समस्या हो जाएगी। कहा कि एक हफ्ते पूर्व भी रास्ते को बंद कर दिया गया था, तब नगर पालिका ने रास्ता खुलवाया था। सूचना मिलने पर तहसीलदार सुनील राज मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने बताया कि विद्यालय को शासन ने निशुल्क साढ़े 16 नाली भूमि दी है। इसके अलावा विद्यालय प्रशासन ने साढ़े 20 नाली की और प्रस्तावित की है। बताया कि जमीन की नापजोख करवाई जा रही है। रास्ते का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। इधर, विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुकरेती ने कहा कि रास्ता बंद नहीं की गया है। जिस जमीन में दीवार बनाई गई है, वह स्कूल की है। इसके सारे दस्तावेज उपलब्ध हैं।