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जम्मू-कश्मीर विधानसभा में फिर हंगामा: रंधावा के कुर्सी उठाने पर मार्शलों ने किया बाहर, 28 सितंबर तक सदन स्थगित

Fri, 25 Sep 2026 12:02 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में प्रदर्शन के दौरान भाजपा विधायक रंधावा वेल में पहुंच गए और उन्होंने एक कुर्सी उठा ली। इसके बाद मार्शलों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए रंधावा को सदन से बाहर कर दिया। हंगामे के बाद 28 सितंबर तक सदन स्थगित
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा के जारी सत्र में शुक्रवार को एक बार फिर हंगामा देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सदन में बैनर दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने विधायकों से बैनर हटाने और अपनी सीटों पर बैठने को कहा।

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स्पीकर ने कांग्रेस विधायकों से कहा कि उन्हें सदन के अंदर इस तरह के बैनर लाने की अनुमति किसने दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग जम्मू-कश्मीर विधानसभा के नियंत्रण में नहीं है। स्पीकर ने चेतावनी दी कि सदस्य अपनी सीटों पर लौटें, अन्यथा उन्हें कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा। 

इसके बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव सदन में पेश किया। प्रस्ताव में कहा गया कि सदन केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल और शीघ्र बहाल करने का आह्वान करता है। प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजने की बात भी कही गई।

स्टेटहुड के प्रस्ताव पर सदन में सत्ता पक्ष और भाजपा विधायकों के बीच नारेबाजी और तीखी बहस हुई। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई, जबकि भाजपा विधायकों ने इसका विरोध करते हुए सरकार से अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की। इससे पहले भी विधानसभा के मौजूदा सत्र में स्टेटहुड और सरकार के कामकाज को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला है।

इस दौरान विभिन्न दलों के विधायकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। बलवंत सिंह मनकोटिया और अन्य सदस्यों की ओर से भी टिप्पणियां की गईं। कुछ विधायक सदन के वेल में पहुंचने की कोशिश करते दिखे जिन्हें मार्शलों ने रोक दिया।

हंगामे के बीच स्पीकर ने सदस्यों से शांत रहने और अपनी सीटों पर बैठने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन में मुद्दों पर बहस होनी चाहिए और केवल हंगामा करने से समाधान नहीं निकलेगा। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

स्टेटहुड प्रस्ताव पर उमर अब्दुल्ला का बीजेपी पर निशाना
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली से जुड़े प्रस्ताव को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव केवल स्टेटहुड की बहाली से संबंधित है और भाजपा से इसी मुद्दे पर समर्थन मांगा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक स्टेटहुड के प्रस्ताव पर मतदान से बचना चाहते हैं।

सुनील शर्मा ने प्रस्ताव पर जताई आपत्ति
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने भाजपा की ओर से कहा कि पार्टी स्वायत्तता और विशेष दर्जे से जुड़े प्रस्तावों का विरोध करती है। उन्होंने कांग्रेस से अनुच्छेद 370 को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की और उमर अब्दुल्ला पर पुराने मुद्दों को फिर उठाने का आरोप लगाया।

स्टेटहुड पर बहस के लिए तैयार होने का दावा
सुनील शर्मा ने कहा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर के स्टेटहुड के मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय नेतृत्व भावनात्मक मुद्दों के जरिए लोगों को प्रभावित कर रहा है और राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया।

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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करना केंद्र सरकार का लोगों से किया गया वादा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट और संसद में भी दोहराया गया है। विधानसभा चुनाव के करीब दो साल बाद भी स्टेटहुडकी दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है, इसलिए सरकार ने सदन में स्टेटहुड बहाली का प्रस्ताव लाने का फैसला किया।
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