यूजीसी के नए नियमानुसार अब शोध छात्राएं पीएचडी के दौरान विवि बदल सकती हैं। माना जा रहा है कि शादी के बाद शोध छात्राओं के शोध कार्य छोड़ने के आंकड़ों को देखते हुए यूजीसी ने यह कदम उठाया है। यूजीसी ने इस संबंध में सभी विश्व विद्यालयों को दिशा निर्देश जारी किए है।
यूजीसी ने शोध (पीएचडी) छात्राओं को कुछ विशेष सुविधाएं प्रदान की हैं, जिससे छात्राओं को शोध कार्य पूरा करने में सहूलियत होगी। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी है। गढ़वाल विवि के प्रति कुलपति प्रो. डीएस नेगी ने बताया कि यूजीसी के निर्देशानुसार अब शोध छात्राएं शोध के दौरान विवि व गाइड बदल सकती हैं। पूर्व में छात्र शोध के लिए जिस विवि में पंजीकृत होता था।
उसी विवि से शोध कार्य पूरा करने की बाध्यता थी, लेकिन छात्राएं अब विवि व गाइड बदल सकती हैं। हालांकि जिस विवि में शोध छात्रा पंजीकृत है व जिस विवि में वह जाना चाहती है, दोनों में शोध (पीएचडी) में प्रवेश के मानक समान होने चाहिए। विवि व गाइड बदलने के लिए छात्रा को दोनों विश्वविद्यालयों से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी लेना होगा।
यह है आवश्यक
छात्रों की सहूलियत के लिए यूजीसी ने यह निर्णय लिया है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी गई है। जिस विवि से छात्रा शोध छोड़ रही है और जहां वह आगे शोध करना चाहती है उन दोनों विश्वविद्यालयों में पीएचडी में प्रवेश के लिए मानक समान होने चाहिए।