उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए की समाप्ति के बाद भारत के सभी कानून जम्मू-कश्मीर में लागू हो गए हैं। पिछले पहलगाम हमले का उद्देश्य सिर्फ पर्यटकों को निशाना बनाना नहीं था, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, एकता और अखंडता पर हमला था, इसलिए इसका कड़ा जवाब दिया गया।
केंद्रीय मंत्री ने डल झील में शिकारा की सवारी का आनंद लिया और बताया मेरे शिकारे का नाम 'पीस ऑफ हेवन' है। जब मैं डल झील पर आता हूं तो मुझे अपने स्कूल के दिन याद आते हैं। ईश्वर ने इस देश को स्वर्ग दिया है।
गोयल ने कश्मीर के लोगों का धन्यवाद किया कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया और आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ता दिखाई। उन्होंने कहा मुझे पूरा विश्वास है कि हम मिलकर आतंकवाद को जड़ से खत्म कर देंगे। राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर सभी मुद्दों पर काम कर रही हैं और उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके अलावा, 14वें दलाई लामा के 90वें जन्मदिन समारोह में, उन्होंने कहा, मैं दलाई लामा की प्रशंसा करता हूं। हम सभी चाहते हैं कि तिब्बत के लोगों के साथ हुए अन्याय का भविष्य में समाधान हो।