इस्लामी चंद्र कैलेंडर (लूनर कैलेंडर) के अनुसार जम्मू-कश्मीर में शनिवार को ईद-ए-मिलाद मनाई जानी थी, लेकिन प्रशासन ने पहले से जारी छुट्टियों के कैलेंडर में बदलाव नहीं किया। इस कारण सरकारी छुट्टी शुक्रवार को ही रही। इस पर कैबिनेट मंत्री सकीना इत्तू ने नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि निर्वाचित सरकार के आग्रह के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए यह एक पवित्र दिन है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में इसे सही तारीख पर नहीं मनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि चांद दिखने के आधार पर अवकाश तय करने का क्या मतलब है, अगर उसका पालन नहीं करना है। मंत्री ने कहा कि इस तरह के फैसले लेने का अधिकार चुनी हुई सरकार को होना चाहिए।
मंत्री की पोस्ट के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक कैलेंडर की फोटो साझा करते हुए कहा कि इसमें साफ लिखा है कि छुट्टी ''चांद दिखने पर'' आधारित है। इसका मतलब है कि चांद दिखने के आधार पर छुट्टी की तारीख बदली जा सकती है। उमर ने आरोप लगाया कि गैर-निर्वाचित सरकार ने जानबूझकर छुट्टी में संशोधन नहीं किया, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
बता दें कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने बीते दिनों पांच दिसंबर और 13 जुलाई की छुट्टी बहाल करने की मांग भी की थी। इसके लिए एक प्रस्ताव बनाकर उनकी सरकार ने एलजी प्रशासन को भेजा था। ये दोनों छुट्टियां अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद रद्द कर दी गई थीं।
मीरवाइज ने निर्वाचित व गैर-निर्वाचित सरकार दोनों की निंदा की
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने छुट्टी संशोधित न करने पर ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के पवित्र अवसर की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने इस मामले में निर्वाचित व गैर-निर्वाचित दोनों सरकारों की निंदा की।
पीडीपी ने कहा- दुर्भाग्यपूर्ण
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जम्मू-कश्मीर में सही दिन पर ईद-ए-मिलाद नहीं मना सकते हैं। उन्होंने नेशनल कांफ्रेंस सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि बहुमत के बावजूद वे इस तरह के फैसले को वैध बना देती है।
ग्रैंड मुफ्ती ने कहा- यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
जम्मू-कश्मीर के ग्रैंड मुफ्ती नासिर उल इस्लाम ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि चांद दिखने के अनुसार ईद-ए-मिलाद शनिवार को पड़ने के बावजूद सरकार उसके अनुसार अधिसूचना जारी करने में विफल रही। यह पूरी तरह से बेमेल है और आध्यात्मिक व धार्मिक महत्व रखने वाले एक पवित्र दिन के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
सभी धर्मों का सम्मान जरूरी : कांग्रेस
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कहा कि जो त्योहार जिस दिन है, उसी दिन मनाया जाना चाहिए। सभी धर्मों का सम्मान जरूरी है। छुट्टी को पुनर्निर्धारित करना बहुत बड़ी बात नहीं थी। त्योहार और धर्म में आस्था को ध्यान में रखते हुए कई फैसले लेने पड़ते हैं।