गहड़ गांव में फसलों की सुरक्षा के लिए लगाई गई तारबाड़ में रविवार को गुलदार फंस गया। वन विभाग की टीम ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गुलदार को छुड़ाया। तारों में फंसने से गुलदार के पिछले पैर बुरी तरह जख्मी हो गए।
रविवार को गहड़ के ग्रामीणों ने गुलदार की दहाड़ सुनी तो ग्रामीण सहम गए। ग्राम प्रधान राकेश भंडारी ने वन विभाग और पुलिस को सूचना दी। वन विभाग के कर्मचारी पिंजरा और गुलदार को बेहोश करने वाली ट्रैंकुलाइजर गन लेकर गांव में पहुंचे। खेतों के समीप जाने पर देखा कि झाड़ियों में पीछे छुपा गुलदार उठ नहीं पा रहा है।
उसके पेट और पैर तार व रस्सी में फंसे हैं। आशंका जताई जा रही है कि जंगली सुअरों से फसल की सुरक्षा को लेकर लगाए गए तार में फंसकर गुलदार पहाड़ी से लुढ़कता हुआ झाड़ियों में गिर गया।
शाम करीब पांच बजे ट्रैंकुलाइजर गन से गुलदार को बेहोश कर पिंजरे में कैद किया गया। नर गुलदार की उम्र करीब सात से आठ साल है। डीएफओ रमेश चंद्र ने बताया कि गुलदार को अभी श्रीकोट चिकित्सालय रखा गया है।