हितधारकों ने परियोजनाओं का किया स्वागत
हितधारकों ने गुलमर्ग में सीएम द्वारा स्कीइंग के बुनियादी ढांचे में सुधार को लेकर उठाए गए कदमों का स्वागत किया है। एक स्नोबोर्डिंग के कोच फरहत नाइक ने कहा कि स्कीइंग के लिए गुलमर्ग के प्राकृतिक स्लोप पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध हैं। यहां पर जैसे-जैसे बुनियादी ढांचे में सुधार होगा उससे स्कीइंग प्रेमी यहां का ज्यादा से ज्यादा संख्या में रुख करेंगे। इससे न सिर्फ गुलमर्ग में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलेगा बल्कि यहां के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।
हमें उम्मीद है कि हालात अच्छे रहेंगे : उमर
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि पहलगाम हमले, बाढ़, दिल्ली ब्लास्ट और नौगाम विस्फोट का जिक्र करते हुए कहा कि कठिन हालात में भी हमने पर्यटन के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए लगातार कोशिशें की हैं। हमें उम्मीद है कि हालात अच्छे रहेंगे।
गुलमर्ग में स्कीइंग के उद्घाटन के बाद सीएम ने कहा कि गुलमर्ग में कुछ प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया गया है। कुछ अन्य प्रोजेक्ट्स की भी नींव रखी है। यह प्रक्रिया दूसरे पर्यटन स्थलों में भी जारी रहेगी। हमें उम्मीद है कि हालात अच्छे रहेंगे और पर्यटक फिर से कश्मीर आना पसंद करेंगे। इस सर्दी में अब तक बर्फबारी न होने पर दुख जताते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि हर कोई बर्फ का इंतजार कर रहा है। हर कोई पूछ रहा है कि क्या बर्फ गिरी? हम कहते हैं कि अभी नहीं। वे सब कहते हैं जब बर्फ गिरे तो हमें बताना।
पर्यटन क्षेत्र को बाहरी फंडिंग वाले बजट में 5500 करोड़ का निवेश मिलेगा : उमर
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि जम्मू व कश्मीर के टूरिज्म सेक्टर को बाहरी फंडिंग वाले बजट के तहत करीब 5500 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट मिलेगा। उत्तरी कश्मीर के गुलमर्ग में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, हम गुलमर्ग और दूसरे पर्यटन स्थलों के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं करेंगे।
यह शायद पहली बार होगा कि बाहरी फंडिंग वाले प्रोजेक्ट के तहत टूरिज्म सेक्टर को करीब 5500 करोड़ रुपये का खास इन्वेस्टमेंट मिलेगा। मुख्यमंत्री ने गुलमर्ग कन्वेंशन सेंटर में एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एटीओएआई) के 17वें सालाना कन्वेंशन के कर्टेन रेजर का अनावरण किया जिससे 17 से 20 दिसंबर, 2025 तक श्रीनगर में होने वाले इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई।
उन्होंने कहा कि यह कन्वेंशन जम्मू-कश्मीर को एडवेंचर टूरिज्म के लिए एक प्रमुख ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने एटीओएआईऔर उसके नेतृत्व का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने अपने 17वें सालाना कन्वेंशन के लिए श्रीनगर को चुना, इसे जम्मू-कश्मीर के टूरिज्म के पक्ष में विश्वास का एक मजबूत वोट बताया।
बर्फबारी का न होना, विंटर टूरिज्म के लिए चुनौती
जलवायु परिवर्तन के साफ असर को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने हाल के वर्षों में बर्फबारी में भारी कमी की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि जहां गुलमर्ग में दिसंबर के मध्य तक भारी बर्फबारी होती थी वहीं हाल की सर्दियों में बहुत कम या बिल्कुल भी बर्फबारी नहीं हुई है जिससे विंटर टूरिज्म और स्कीइंग के लिए एक गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, अगर हम खुद को नहीं बदलते हैं तो गुलमर्ग में स्कीइंग एक जीवित परंपरा के बजाय एक याद बनकर रह जाएगी।
टेक्नोलॉजिकल दखल की जरूरत पर जोर देते हुए अब्दुल्ला ने आर्टिफिशियल बर्फ बनाने वाले सिस्टम को अपनाने की वकालत की जैसा कि कई यूरोपीय स्की डेस्टिनेशन में किया जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि बारिश का पानी स्टोर किया जाए और जब तापमान जीरो से नीचे चला जाए तो कम से कम चुनिंदा ढलानों पर खासकर उन पर जहां नए लगाए गए ड्रैग लिफ्ट हैं, स्नो मशीनें लगाई जाएं। उन्होंने जापान की तर्ज पर कुछ स्की ढलानों पर फ्लड लाइट लगाने का भी प्रस्ताव दिया ताकि स्कीइंग का समय शाम तक बढ़ाया जा सके और सर्दियों के छोटे दिनों में टूरिस्ट एक्टिविटी को ज़्यादा से ज़्यादा किया जा सके।