अंधेरे और बर्फ के बीच साहसिक अभियान
खराब मौसम और रात के अंधेरे के बावजूद बीआरओ की 79 आरसीसी और सुरनकोट पुलिस की टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बर्फ हटाने वाली मशीनों के साथ बचाव दल नीलिना टॉप की ओर बढ़ा। रास्ते में फिसलन और कम दृश्यता के कारण हर कदम पर खतरा था लेकिन जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए बर्फ की चादर को चीरकर पीड़ितों तक पहुंचने का रास्ता बनाया।
समय रहते कार्रवाई से बची जान
घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद बचाव दल ने तीनों फंसे हुए व्यक्तियों को सुरक्षित ढूंढ निकाला। इसके बाद उन्हें वहां से रेस्क्यू कर सुरनकोट पहुंचाया। प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि यदि कार्रवाई में थोड़ी भी देरी होती तो रात भर की बर्फबारी और कड़ाके की ठंड फंसे लोगों जान ले सकती थी। बचाए गए तीनों लोग पुंछ जिले के ही रहने वाले हैं।
पुलिस और बीआरओ के साहस को सराहा
स्थानीय लोगों ने बर्फबारी में फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस और बीआरओ के जवानों के इस साहसी कार्य की जमकर प्रशंसा की है। विषम परिस्थितियों में सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे केवल सीमाओं के रक्षक ही नहीं बल्कि आम जनमानस के लिए संकट के समय सबसे बड़े मददगार भी हैं।