आतंकी हमले के बाद कश्मीर में सन्नाटा
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अनंतनाग जिले के पहलगाम के बायसरन में आतंकी हमले के बाद से कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र को बड़ा झटका लगा है। हसीन वादियों से पर्यटकों की चहल पहल गायब है। कुछ पर्यटक कश्मीर घूमने आ रहे हैं, लेकिन जो हाल पहलगाम घटना से पहले था, अब उसके विपरीत है। पहलगाम बाजार से पहले एक बोर्ड दिखता है, ‘वेलकम टू पहलगाम’।
इसे देख मन में पर्यटकों का ख़याल आता है, लेकिन जैसे ही बाजार में पहुंचते हैं, तो दृश्य एकदम से विपरीत हो जाता है। बाजार खुले जरूर हैं, लेकिन दुकानदारों के पास काम नहीं है। बाजार में पर्यटक नजर नहीं आते हैं। दुकानों के किनारे कुछ लोग बैठे दिखाई देते हैं। इनमें से अधिकतर होटलों के कर्मचारी हैं। इनके पास भी कोई काम नहीं है। इन कर्मचारियों में से एक वहीद ने कहा कि वर्तमान में होटल के 16 कमरों में से कुल तीन ही बुक हैं।
अगर कुछ दिन और ऐसा ही हाल रहा, तो कई को नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है। ऐसा ही कुछ हाल विश्व प्रसिद्ध डल झील का है। पहलगाम घटना से पहले यहां सुबह से देर शाम तक बड़ी संख्या में पर्यटक शिकारे का आनंद लेते थे। अब झील शांत है। शिकारे झील के किनारों पर खड़े हैं।
शिकारा संचालक अब्दुल रहमान ने कहा कि जब भी कोई आतंकवादी घटना होती है, तो आम कश्मीरी पिसता है। हमारा सब कुछ लुट गया। ऐसा सन्नाटा हमने कोविड और अनुच्छेद 370 के हटने के दौरान देखा था।