कुपवाड़ा के हंदवाड़ा में लॉकर की जांच करती पुलिस।
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अधिकारियों ने बताया कि टीमों ने गांदरबल में अभियान चलाए। कुपवाड़ा में सरकारी मेडिकल कॉलेज और हंदवाड़ा में भी ड्राइव चलाई गई। श्रीनगर पुलिस ने जिला और निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज, पीएचसी और हेल्थ सेंटर में निरीक्षण किया। इसका मकसद गैर कानूनी या खतरनाक सामान की स्टोरेज को रोकना है।
कार शोरूम पर जांच करती पुलिस।
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कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि लॉकर का इस्तेमाल सिर्फ आधिकारिक काम के लिए किया जाए। इसी तरह नोहट्टा, लाल बाग, शाहीगंज, चानापोरा, राजबाग, आरएम बाग, हरवान, निशात, एमआर गंज, साफाकदल, जदीबल, हजरतबल, नगीन, सद्दार सहित अन्य जगहों पर केमिकल और खाद की दुकानों को जांचा। दुकानदारों को दस्तावेजीकरण नियमों का पालन करने के लिए कहा।
श्रीनगर में केमिकल की दुकान व कार शोरूम की जांच करती पुलिस।
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इसके अलावा लाल बाजार, एमआर गंज, सफाकदल, जड़ीबल, खानयार सहित अन्य जगहों पर कार बेचने व खरीदने वाली दुकानों का निरीक्षण किया।
श्रीनगर में केमिकल की दुकान व कार शोरूम की जांच करती पुलिस।
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दुकानदारों को संदिग्ध ट्रांजेक्शन की रिपोर्ट करने की सलाह
आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस ने यूपी और हरियाणा में समकक्षों के साथ मिलकर सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और 3 डॉक्टरों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया।
जांच के दौरान अमोनियम नाइट्रेट की बिना नियम बिक्री, सेकंड हैंड कारों की खरीद और डॉक्टरों द्वारा लॉकर में हथियार छिपाने का मामला सामने आया, जिसके बाद एहतियाती कदम उठाए। टीमों ने दुकान मालिकों को सुरक्षा उपाय बढ़ाने के साथ संदिग्ध ट्रांजेक्शन की रिपोर्ट करने के लिए कहा। इंस्पेक्शन में स्टॉक और सेल्स रिकॉर्ड का रखरखाव, खरीदारों की वेरिफिकेशन, सुरक्षा से जुड़ी गाइडलाइंस का पालन और लाइसेंस की वैधता की जांच पर फोकस किया गया।
श्रीनगर में केमिकल की दुकान व कार शोरूम की जांच करती पुलिस।
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वाहन विक्रेताओं के दस्तावेज खंगाले
पुलिस ने वाहन विक्रेताओं की जांच को लेकर अभियान चलाया। इस दौरान वाहन बिक्री और खरीद से संबंधित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस के अनुसार टीमों ने वाहन पंजीकरण, स्टॉक रिकॉर्ड, बिक्री व खरीद समझौते और खरीदारों एवं विक्रेताओं की पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
कुपवाड़ा के हंदवाड़ा में लॉकर खंगालती टीम।
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जांच की गई कि कोई अवैध या संदिग्ध वाहन बिना पंजीकरण या अनधिकृत चैनलों के माध्यम से बेचें तो नहीं जा रहे। विक्रेताओं को मोटर वाहन अधिनियम के तहत पूरा रिकॉर्ड बनाए रखने की सलाह दी है।