14 साल की उम्र में दो माह तक जुवनाइल जेल में रहा
स्थानीय सूत्रों की मदद से गांव वालों ने बताया कि यासिर 14 साल की उम्र में जुवनाइल जेल भेजा गया था। उसके जेल भेजे जाने को लेकर सूत्र बताते हैं कि कुछ फोन कॉल का मामला था, जिसमें संदेह के आधार पर उसे जेल भेजा गया था।
खुद को उड़ाने वाले ऑपरेशनों को अंजाम देने की ली थी शपथ
एक महीने से भी अधिक समय बीत जाने के बाद दिल्ली के लाल किले पर हुए ब्लास्ट में एनआईए ने यासिर को दिल्ली से गिरफ्तार करने का दावा किया। दिल्ली ब्लास्ट केस में ये नौवीं गिरफ्तारी है। एनआईए के अनुसार, दिल्ली ब्लास्ट की साजिश में यासिर की अहम भूमिका थी। साजिश में शामिल होने के कारण उसने वफादारी की कसम खाई थी और खुद को उड़ाने वाले ऑपरेशनों को अंजाम देने की शपथ ली थी। मामले में डॉ उमर और शोपियां के इरफान अहमद (मौलवी) के संपर्क में था। इसका खुलासा मौलवी के मोबाइल की जांच के बाद हुआ है।
जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद के पोस्टर लेकर घूम रहे दो ओजीडब्ल्यू की गिरफ्तारी से आतंकवादियों के इस अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ जिसके परिणामस्वरूप हथियारों और 2900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर पुलिस ने नवंबर में इन सक्रिय आतंकवादी समर्थकों को गिरफ्तार किया था और स्थानीय पुलिस द्वारा त्वरित जांच के बाद तीन दिनों से भी कम समय में साजिश का पर्दाफाश हो गया।