केंद्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) की संयुक्त टीम ने दिल्ली में लाल किला के पास हुए धमाके के मामले में गिरफ्तार मौलवी इरफान अहमद वागे के किराये के घर पर शुक्रवार को छापा मारा। मौलवी इरफान नौगाम स्थित मस्जिद में इमाम था और मस्जिद के पास बने एक कमरे में ही रहता था। एनआईए और एसआईए ने इसी कमरे काे खंगाला।
शुक्रवार को सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ एनआईए और एसआईए की टीम नाइकबाग पहुंची और मौलवी इरफान के कमरे को खंगाला। एनआईए इस मामले में उसकी भूमिका की जांच कर रही है जिसके तहत लॉजिस्टिक सहायता, कम्युनिकेशन लिंक और अपराधियों के साथ उसके वैचारिक संबंधों को खंगाला जा रहा है। यह जांच धमाके के आरोपियों के पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर केंद्रित है। यह यह पता लगाया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में और मददगार तो सक्रिय नहीं थे।
सूत्रों के अनुसार दिल्ली धमाके के मामले में एनआईए ने तलाशी और पूछताछ तेज कर दिए हैं। एक दिन पहले ही दिल्ली में इस मामले में नौवें आरोपी यासिर अहमद डार को दबोचा है। दिल्ली के पटियाला हाउस स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत ने उसे 26 दिसंबर तक एनआईए की हिरासत में सौंपा है।
जैश के पोस्टर भी मिले थे मौलवी के कमरे से
शोपियां के नादिगाम का रहने वाला मौलवी इरफान आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर मामले में भी आरोपी है। उसके कमरे से पहले जैश के पोस्टर भी बरामद हुए थे। उस पर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम करने का भी आरोप है