जोजिला दर्रे पर हुए हिमस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। अंतिम लापता व्यक्ति का शव मिलने के बाद शनिवार को रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया।
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इमाम खुमैनी मेमोरियल ट्रस्ट कारगिल के प्रमुख जहीर अब्बास ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और पुलिस बचाव दलों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि 27 मार्च को रात 11 बजे तक लगातार रेस्क्यू अभियान जारी रहा। अगले दिन सुबह पांच बजे फिर से शुरू किया गया। इतनी ठंड में बीआरओ की ग्राउंड टीम का प्रयास सराहनीय रहा। ट्रस्ट के स्वयंसेवकों ने भी अभियान में सहयोग दिया।
शनिवार को अली अकबर शादाब निवासी थारुसुमा पशकुम, कारगिल का शव बरामद कर लिया गया। वहीं नीलागढ़, श्रीनगर निवासी मोहम्मद बाकिर जो गंभीर रूप से घायल थे, ने उपजिला अस्पताल द्रास में दम तोड़ दिया। जोजिला दर्रे को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रखा गया है। बता दें कि 27 मार्च को हिमस्खलन में पांच लोगों की जान चली गई थी। इनमें मोहम्मद अली (72), मोहम्मद यूसुफ (38), तोइबा बानो (36), शहर बानो (32) और असदुल्लाह (10 माह) शामिल थे।