फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोल्फ से ग्लोबल मंच तक: आर्टिकल 370 के बाद बदली जम्मू-कश्मीर की तस्वीर, अब खेल और पर्यटन बन रहे नई पहचान

Wed, 05 Aug 2026 03:10 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

आर्टिकल 370 हटने के सात साल बाद जम्मू-कश्मीर में खेल और खेल पर्यटन को नई गति मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय गोल्फ टूर्नामेंट जैसे आयोजनों से घाटी की वैश्विक पहचान मजबूत हो रही है और युवाओं के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
विज्ञापन
जेएंडके ओपन 2026 के उद्घाटन के दौरान सीएम उमर अब्दुल्ला टी-शॉट खेलते हुए। - फोटो : बासित जरगर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आर्टिकल 370 हटने के सात साल बाद जम्मू-कश्मीर में खेल और खेल पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। बेहतर खेल सुविधाओं, बढ़ते निवेश और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन से केंद्र शासित प्रदेश अब देश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है।

विज्ञापन
Trending Videos

श्रीनगर के प्रसिद्ध रॉयल स्प्रिंग्स गोल्फ कोर्स में चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गोल्फ टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में भारत और विदेशों के कुल 128 पेशेवर गोल्फ खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य कश्मीर को एक प्रमुख गोल्फ पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना और स्थानीय युवाओं को इस खेल से जोड़ना है।

इस तरह के बड़े आयोजनों से न सिर्फ खेल को बढ़ावा मिलता है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुंचता है। बाहर से आने वाले खिलाड़ी कई दिनों तक घाटी में रुकते हैं, जिससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलता है।

जम्मू-कश्मीर में गोल्फ के लिए कई बेहतरीन मैदान मौजूद हैं, जिनमें गुलमर्ग गोल्फ क्लब, पहलगाम का लिडर वैली गोल्फ कोर्स और जम्मू का सिद्धड़ा गोल्फ कोर्स शामिल हैं। इन सुविधाओं के जरिए प्रदेश को खेल पर्यटन के नए गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है। पर्यटन निदेशक सैयद कमर साजिद ने कहा कि इस तरह के आयोजन कश्मीर में गोल्फ को नई दिशा देंगे और स्थानीय युवाओं को पेशेवर खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित करेंगे।

वहीं खिलाड़ियों ने भी कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता और गोल्फ सुविधाओं की सराहना की। चंडीगढ़ के गोल्फ खिलाड़ी विशाल प्रताप ने कहा कि श्रीनगर का गोल्फ कोर्स बेहद खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण है, ऐसे आयोजन देशभर के खिलाड़ियों को कश्मीर आने के लिए प्रेरित करेंगे।
विज्ञापन

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
आर्टिकल 370 हटने की सातवीं वर्षगांठ पर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास, समान अवसर और प्रगति के नए दौर की शुरुआत बताया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी जैसे विपक्षी दलों ने राज्य का दर्जा बहाल करने और विशेष अधिकारों की वापसी की मांग दोहराई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की कई शिकायतें अभी भी दूर नहीं हुई हैं और राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा पूरा होना बाकी है।

सात साल बाद जम्मू-कश्मीर में विकास, पर्यटन और खेल के क्षेत्र में बदलाव दिखाई दे रहे हैं, वहीं राजनीतिक स्तर पर आर्टिकल 370 और राज्य के दर्जे को लेकर बहस अब भी जारी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें