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पाकिस्तानी कमांडर के साथ मिलकर तीनों सुरक्षा बलों को बना रहे थे निशाना

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने सोपोर मुठभेड़ के बाद मीडिया को बताया कि यह सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन था, जिसे खुद आईजीपी कश्मीर रेंज और जीओसी किलो फोर्स मेजर जनरल एचएस साही मॉनिटर कर रहे थे। ऑपरेशन में लश्कर के तीन शीर्ष कमांडर मार गिराए गए जोकि सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता है। मुदस्सिर पंडित के खिलाफ 18 और खुर्शीद मीर के खिलाफ 6 एफआईआर दर्ज हैं। ये विदेशी आतंकी अब्दुल्ला के साथ पिछले काफी समय से सक्रिय थे। कई घटनाओं को अंजाम दे चुके थे इन घटनाओं में स्थानीय लोग, सुरक्षा कर्मी, पूर्व आतंकी,सरपंचों और अलगाववादियों या हुर्रियत नेताओं की हत्याएं शामिल हैं।
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पुलिस ने तीनों आतंकियों के जारी किए थे पोस्टर
जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार ने ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मारे गए आतंकी नसीर लोन नाम के एक आतंकी के घर में छुपे थे। नसीर पिछले वर्ष हंदवाड़ा में मारा गया था और उसने 6 सीआरपीएफ कर्मियों की हत्या में शामिल किया था। आईजीपी ने लोगों से अपील की कि वह आतंकियों को पनाह न दें। आतंकियों के परिवार वालों से उन्हें खाना-पीना और पनाह न देने की अपील की। उन्होंने बताया कि हाल ही में सोपोर में बड़े हमले के बाद पुलिस ने इन तीनों आतंकियों के पोस्टर जारी किए थे। स्थानीय लोगों की मदद और उनके सहयोग के चलते इन आतंकियों की मूवमेंट को ट्रैक करने में काफी मदद मिली और इन्हें मार गिराया गया। आईजीपी के अनुसार कश्मीर के युवाओं को दो चीजें बर्बाद कर रही हैं, एक नशे की लत और दूसरा कट्टरपंथ का शिकार होना। उन्होंने कहा कि सोपोर नार्को टेरर मॉड्यूल का एक बड़ा हब है। इसलिए अभिभावकों से अपील है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें कि वह किन गतिविधियों में शामिल हैं।
स्थानीय और विदेशी आतंकियों का गठजोड़ तोड़ना प्राथमिकता
जीओसी किलो फोर्स के मेजर जनरल एचएस साही ने कहा कि इस ऑपरेशन को पूरी तरह से पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया और यह सुनिश्चित किया गया कि किसी तरह का कोई नुकसान न हो। साही ने बताया कि शुरुआती फायरिंग में एक जवान को कंधे में गोली लगी जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। जीओसी ने कहा कि सेना का प्राइमरी फोकस है कि वह स्थानीय और विदेशी आतंकियों के आपस के नेक्सस को तोड़े और कश्मीर में खून खराबे को रोकने के लिए वह स्थानीय आतंकी भर्ती पर रोक लगाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह इस नेटवर्क को तोड़ने में उनका सहयोग करें। इतना ही नहीं उन्होंने स्थानीय आतंकियों से एक बार फिर से बंदूक छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने को कहा, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनका भी वही हाल होगा जो सोपोर में आतंकियों का हुआ।
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