श्रीनगर/सोपोर। बारामुला जिले के सोपोर में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाल ही में अल-बदर में शामिल हुए दो स्थानीय आतंकियों को वीरवार को आत्मसर्पण कराया। इस मौके पर उनके परिवार वालों को भी बुला लिया गया था। सेना की किलो फोर्स को जीओसी एचएस साही ने स्थानीय युवाओं से हथियार छोड़ कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। कहा, हमारी ओर से उनकी जान बचाने के लिए हर संभव मदद की जाएगी।
जीओसी एचएस साही ने कहा कि 23 सितंबर को खबर मिली थी कि सोपोर के पास के एक गांव वडूरा पायीन से दो युवक आबिद और महराजुदीन लापता हुए हैं। उसके बाद सोपोर में एक ग्रेनेड हमला भी हुआ। एक वायरल वीडियो से पता लगा कि ये लड़के अल-बदर में शामिल हो गए हैं। अगले ही दिन अल-बदर के टेलीग्राम हैंडल पर इन दोनों के आतंकी तंजीम में शामिल होने की पुष्टि भी हो गई। जीओसी ने बताया कि तब से सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस मिलकर इन दोनों को ट्रैक करने की कोशिश कर रहे थे और मैंने खुद 1 अक्तूबर को सीलू में उनके अभिभावकों से मुलाकात कर उनसे वादा किया था कि अगर यह दोनों लड़के वापस आकार आत्मसमर्पण करना चाहते हैं तो हम उन्हें सुरक्षित वापस लाएंगे। उन्होंने बताया कि वीरवार की सुबह जब हमें आतंकियों के सोपोर के तुजर इलाके में छुपे होने की सूचना मिली तो तुरंत घेराबंदी की गई। जानकारी मिलते ही तुरंत दोनों अभिभावकों को मौके पर लाया गया जिसके बाद उनकी और सेना की ओर से की गई अपील के चलते दोनों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
फिलहाल पुरानी पुनर्वास नीति पर काम
जीओसी ने बताया कि यह दोनों पिछले एक महीने से आतंकियों के साथ थे। यह सुरक्षाबलों की प्रतिबद्धता है कश्मीरी युवाओं के प्रति कि यदि भटके हुए कश्मीरी युवा मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं तो हम उनके अभिभावकों की मदद से उनकी जान बचाने में मदद करेंगे और आज भी वैसा ही किया गया है। उन्होंने बताया कि इनके अलावा सीलू के दो और युवा जो इनके एक दिन बाद से लापता हुए थे उन्हे भी श्रीनगर के अंदर करीब 20 दिन पहले पकड़ा गया था। उत्तरी कश्मीर से जो 4 युवा लापता होकर आतंकी बन गए थे, उन्होंने भी आत्मसमर्पण किया और ज़िंदा है। जीओसी ने यह भी कहा कि जब तक आतंकियों की नई पुनर्वास नीति नहीं आती तब तक हम पुरानी नीति के तहत ही आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कुछ भी बरामद नहीं हुआ
जीओसी ने यह भी कहा फिलहाल इनके पास से कुछ बरामद नहीं हुआ लेकिन आगे की तफ्तीश पुलिस करेगी कि वह कहां और किसके संपर्क में थे। उत्तरी कश्मीर के हालात को लेकर उन्होने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षाबलों द्वारा मुस्तैदी बरती जा रही है। लांचिंग पैड्स पर आतंकियों की संख्या को लेकर उन्होंने कहा कि अभी जो खबर है उसके अनुसार 250 से 300 आतंकी मौजूद है। घुसपैठ के कुछ प्रयास हुआ परंतु हमारी मजबूत घुसपैठ विरोध ग्रिड ने उसे नाकाम कर दिया।