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युवाओं को बताना होगा, पाकिस्तान ने कैसे कश्मीरियों को मारा था -एलजी

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श्रीनगर। 73 वर्ष पहले पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई में कश्मीरी लोगों के बलिदान को नहीं भूलना चाहिए। कबाइली हमले की आड़ में पाकिस्तान ने किस तरह जम्मू-कश्मीर के हजारों लोगों को निर्दयता से मारा था। 22 अक्तूबर एक काला दिन है, जिसके बारे में नई पीढ़ी को जागरूक करना होगा। यह बात उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को एसकेआईसीसी में आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी और प्रदर्शनी में कही।
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उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि उप राज्यपाल सिन्हा ने कहा कि पाकिस्तान ने मानवता और कश्मीरियत को लहूलुहान करने के साथ हमें बांटने की भी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। अवाम को यह भी बताने की जरूरत है कि 73 वर्ष पहले हुए कबाइली हमले के खिलाफ हम काला दिवस क्यों मना रहे हैं। उन्होंने नेशनल कांफ्रेंस कार्यकर्ता मकबूल शेरवानी का भी जिक्र किया, जिन्होंने बारामुला में चार दिन तक पाकिस्तानी सेना समर्थित कबाइलियों को 1947 में चार दिन उलझाए रखा था ताकि सेना वहां पहुंच सके। इस बर्बरता के खिलाफ हमारे कश्मीरी भाई मकबूल शेरवानी ने आवाज उठाई, लेकिन उनकी गोली मार कर हत्या कर दी गई। बारामुला के नायक मकबूल शेरवानी की शहादत, पाकिस्तान के कथित धर्म युद्ध की असलियत का भंडाफोड़ करती है। हमले के समय कश्मीर के लोगों ने आगे आकर हमलावरों को रोका था, उन्होंने नारा लगाया था ‘हमलावर खबरदार, हम कश्मीरी हैं तैयार’। उस समय उनके पास बंदूकें नहीं थीं परंतु उन्होंने लाठियों के सहारे अपनी बहादुरी दिखाई। हमें उन सैनिकों और नागरिकों की कुर्बानियों को नहीं भूलना चाहिए जिन्होंने उस दौरान अपनी जान गंवाई।
कबाइलियों के भेष में थे पाकिस्तानी सैनिक
सिन्हा ने कहा कि पाकिस्तान ने न केवल 1999 के कारगिल युद्ध में झूठ बोला, बल्कि 73 साल पहले भी झूठ बोला था जब उसने अपनी सेना के जवानों को पखतूनी कपड़े पहना दिए थे। मैंने ऐसे दस्तावेज पढ़े हैं जिनमें लिखा है कि प्रत्येक कबाइली दल की कमान पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों ने संभाली थी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि 22 अक्तूबर को कश्मीर और कश्मीरियत पर लगाए गए घावों के पीछे पाकिस्तान था। यह घाव आज भी दर्द देते हैं।
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-वर्षों से फैलाए झूठ को तोड़ने की जरूरत
उन्होंने कहा कि इस हमले के बारे में आज कुछ लोग कई तरह की बातें कहते हैं। शेख अब्दुल्ला ने 1948 में कहा था कि पाकिस्तानी हमलावरों ने हमारी धरती पर हजारों बेगुनाहों को मार डाला, सभी धर्मों की लड़कियों का अपहरण कर दुष्कर्म किया और संपत्तियों को नष्ट कर दिया। इसलिए वर्षों से फैलाए जा रहे झूठ को तोड़ने की जरूरत है।
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