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Srinagar News: यौम-ए-कुदुस पर घाटी में सख्त रहे सुरक्षा प्रबंध, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त तैनाती

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श्रीनगर के एम ए रोड पर मुस्तैद जवान। संवाद  - फोटो : गौरीगंज में खाली सिलिंडर लेकर गैस एजेंसी जाते उपभोक्ता।
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- रमजान के आखिरी जुमे को जामिया मस्जिद के दरवाजे किए गए बंद
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- मीरवाइज बोले- यह लगातार सातवां साल है जब मुसलमानों को नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं मिली
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। यौम-ए-कुदुस के अवसर पर घाटी में सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती रही। रमजान का आखिरी शुक्रवार (जुमा-तुल-विदा) को फिलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाने के लिए यौम-ए-कुदुस के तौर पर भी मनाया जाता है और सामूहिक नमाज के बाद अक्सर इस्राइल विरोधी प्रदर्शनों की आशंका रहती है।
इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने जुमत-उल-विदा की नमाज से पहले शुक्रवार को श्रीनगर की जामिया मस्जिद के बाहर सुरक्षाबलों की भारी तैनाती कर दी थी। इस ऐतिहासिक मस्जिद के दरवाजे सुबह ही बंद कर दिए गए जबकि मस्जिद परिसर के आसपास पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मस्जिद के पास कई सुरक्षा वाहन भी तैनात किए गए थे।
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अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को कश्मीर के कुछ शिया बहुल इलाकों जिनमें मागम और बडगाम शामिल हैं, में ईरान पर अमेरिका-इस्राइल के हमलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। रमजान के आखिरी शुक्रवार को होने वाले प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए पहले ही सुबह से श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों विशेष रूप से शिया बहुल इलाकों में सख्त सुरक्षा प्रबंध लागू किए गए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के एहतियाती कदम के तौर पर सुबह लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने ईरान में अमेरिका और इस्राइल की आक्रामकता के खिलाफ और फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाए। हालांकि अधिकारियों ने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे हैं। स्थिति पर बारीकी से नजर रखी गई। शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद को भी बंद कर दिया गया।
कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, पवित्र रमजान के आखिरी शुक्रवार को जब कस्बों और गांवों से हजारों लोग ऐतिहासिक जामिया मस्जिद श्रीनगर में नमाज के लिए इकट्ठा हुए हैं तो एक बार फिर इसके दरवाजे चारों तरफ से बंद कर दिए गए हैं। यह लगातार सातवां साल है जब शासकों ने मुसलमानों को यहां नमाज पढ़ने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। मीरवाइज ने आगे कहा, जिस तरह इस्राइल ने रमजान के दौरान मस्जिद अल-अक्सा के दरवाजे जबरदस्ती बंद कर दिए हैं वैसी ही एक दर्दनाक सच्चाई यहां भी देखने को मिल रही है। हमारा दिल खून के आंसू रोता है। उन लोगों पर शर्म आती है जो अल्लाह के घरों को ईमान वालों के लिए बंद कर देते हैं।
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अंजुमन औकाफ ने जामिया के दरवाजे बंद करने और मीरवाइज को नजरबंद करने की निंदा की

अंजुमन औकाफ जामिया मस्जिद ने ऐतिहासिक जामिया मस्जिद के लगातार बंद रहने की कड़ी निंदा की है। औकाफ ने कहा कि अधिकारियों ने एक बार फिर ऐतिहासिक मस्जिद के दरवाजाें को चारों तरफ से बंद कर दिया और मीरवाइज-ए-कश्मीर डॉ. मौलवी मोहम्मद उमर फारूक को नजरबंद कर दिया। ऐसा कर उन्हें इस पवित्र मौके पर उपदेश देने और नमाज की अगुवाई करने से रोक दिया गया। इस तरह की पाबंदियां न केवल लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं बल्कि ये श्रद्धालुओं के अल्लाह के घर में इबादत करने के मौलिक अधिकार से वंचित करने के समान भी हैं। औकाफ ने यह भी कहा कि पूरे साल में कई बार जामिया मस्जिद को मनमाने ढंग से बंद किया गया। यह स्थिति लगातार बनी हुई असुरक्षा को दर्शाती है। औकाफ ने इसे धार्मिक रीति-रिवाजों पर लगाई गई पाबंदियों की अनुचित नीति करार दिया है।
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