बांदीपोरा में महिलाओं का कैफेटेरिया। संवाद
बांदीपोरा की स्वयं सहायता समूह की सदस्यों की ओर से संचालित है कैफे
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदीपोरा। महिलाओं के सशक्तीकरण को बढ़ावा देते हुए जम्मू और कश्मीर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत एक महिला समूह ने मिनी सचिवालय में एक कैफेटेरिया खोला गया। गौरतलब है कि महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने में आमतौर पर उम्मीद के नाम से जाने जानी वाली यह योजना काफी महत्वपूर्ण है।
यह कैफे पूरी तरह से बांदीपोरा की एक स्वयं सहायता समूह की सदस्यों की ओर से प्रबंधित और संचालित है। विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ, जैसे चाय, नाश्ते और पारंपरिक व्यंजन इस कैफेटेरिया में लोगों को मिलते हैं। इस पहल ने उन सैकड़ों कर्मचारियों और लोगों को जो अपने निजी कामकाज के सिलसिले में मिनी सचिवालय में आते हैं उन्हें राहत प्रदान की है। इससे पहले लोगों को एक कप चाय के लिए भी परिसर से लगभग आधा किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। अधिकारियों ने कहा कि सचिवालय परिसर के भीतर एक इन-हाउस सुविधा के लिए लोगों द्वारा बार-बार मांग के बाद कैफेटेरिया की स्थापना की गई थी।
डीसी इंदु कंवल चिब ने कहा कि कैफेटेरिया पूरी तरह से जम्मू और कश्मीर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत एक सेल्फ-हेल्प ग्रुप की महिलाओं द्वारा संचालित है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रशासन की महिला-प्रधान उद्यमों को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उम्मीद योजना से महिलाओं की आय व जीवन में महत्वपूर्ण सुधार : डीसी
डीसी ने बताया कि उम्मीद योजना के अंतर्गत जिले में सेल्फ-हेल्प ग्रुप से जुड़ी कई महिलाओं ने पिछले वर्ष में अपनी आय और जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार देखा है। नया कैफे न केवल इसमें शामिल महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करता है बल्कि एक उदाहरण प्रस्तुत करता है कैसे सामुदायिक आधारित पहलों के माध्यम से स्थानीय जरूरतों को पूरा किया जा सकता है और महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है। मिनी सचिवालय के कर्मचारियों ने इस कदम का स्वागत किया है इसे सुविधाजनक और प्रेरणादायक दोनों बताया है।