अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पश्चिमी विक्षोभ के चलते बुधवार शाम को राजदान टॉप पर जबरदस्त ओलावृष्टि दर्ज की गई। इसके कारण रास्ते में दो जगह जमीन खिसकने की घटनाएं हुईं जिन्हें स्थानीय लोगों ने हटा दिया। भूस्खलन वाली जगह के पास लगभग ढाई घंटे तक ट्रैफिक रुका रहा।
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर में मानसून की गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं। इस हफ्ते केंद्र शासित प्रदेश में एक के बाद एक तीन और कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर देखने को मिलेगा। पहला वेस्टर्न डिस्टर्बेंस अभी इस इलाके पर असर डाल रहा है और कल तक कमजोर पड़ जाएगा। दूसरा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस वीरवार रात आएगा और शनिवार सुबह तक असरदार रहेगा। इसके बाद तीसरा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आएगा, जिसका असर शनिवार दोपहर से रविवार तक रहने की उम्मीद है।
अलग-अलग तौर पर देखें तो तीनों वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कमजोर हैं। लेकिन इलाके में सक्रिय मानसून हवाओं की मौजूदगी से मौसम की कुल स्थिति में काफी बदलाव आने की उम्मीद है।
कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और मानसून का बहाव मिलकर काम करेंगे जिससे कभी-कभी मध्यम से भारी बारिश की संभावना बढ़ जाएगी। इनके मिले-जुले असर से कम समय में तेज बारिश और कहीं-कहीं बादल फटने का खतरा भी बढ़ जाएगा। आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। शुक्रवार तक बारिश ज्यादा और तेज होगी, और उसके बाद धीरे-धीरे कम हो जाएगी।
जम्मू इलाके पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की उम्मीद है जहां कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। बारिश आम तौर पर रुक-रुक कर होगी। कश्मीर इलाके में अगर बारिश होती है, तो वह ज्यादातर गुजरते हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से होगी। हालांकि बड़े पैमाने पर भारी बारिश की उम्मीद नहीं है, फिर भी कुछ जगहों पर थोड़ी देर के लिए तेज बारिश हो सकती है।