फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Srinagar News: दिन में गर्मी से बुरा हाल, 11 डिग्री अधिक रहा अधिकतम तापमान

विज्ञापन
विज्ञापन
- घाटी में रात का तापमान बढ़ा, अगले कुछ दिनों में हल्की बारिश का पूर्वानुमान
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो

श्रीनगर। घाटी के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में शनिवार को हल्की बर्फबारी के बाद नर्म हुआ दिन का तापमान रविवार को फिर बढ़ गया। तेज धूप से आम लोग ही नहीं पर्यटक भी परेशान दिखाई दिए। घाटी में अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री तक अधिक चल रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र ने अगले दो-तीन दिन में हल्की बारिश के आसार बताए हैं।
रविवार को श्रीनगर में अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 9.6 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक है। कश्मीर के प्रवेश द्वार काजीगुंड में अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 10.7 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री रहा जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक है।
विज्ञापन


पहलगाम में अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 9.4 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री रहा जो सामान्य से 3.0 डिग्री अधिक है। गुलमर्ग में अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 9.6 डिग्री अधिक है, वहीं न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 5.5 डिग्री अधिक है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 9 मार्च को आसमान में हल्के बादल छाए रहने की उम्मीद है। कुछ जगहों पर खासकर गांदरबल, बांदीपोरा, कुपवाड़ा और बारामुला के ऊंचे इलाकों में बारिश की संभावना है। 10 मार्च को कश्मीर में कई जगहों पर खासकर उत्तरी कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पुंछ-राजोरी इलाके में भी हल्की बारिश हो सकती है। 11 मार्च को कश्मीर में ज्यादातर जगहों और जम्मू इलाके के कुछ हिस्सों में हल्की से भारी बारिश हो सकती है।
12 मार्च को हल्की बारिश और बर्फबारी की उम्मीद है। 13-14 मार्च को कुछ जगहों पर खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में कहीं-कहीं बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान बीच-बीच में तेज हवा चलने से कुछ इलाकों में फूलों को नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन

गांदरबल (सोनमर्ग-जोजिला एक्सिस), बांदीपोरा (राजदान टॉप-गुरेज वैली) और कुपवाड़ा के ऊंचाई वाले इलाकों में इस मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे 10-12 मार्च के दौरान खेती का काम रोक दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें