समारोह के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत।
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शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में शनिवार को रक्षा कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए समर्पित विधिक सेवा योजना, नालसा वीर परिवार सहायता योजना 2025 का शुभारंभ किया गया। इस योजना के अंतर्गत राज्य और जिला सैनिक बोर्डों के अंतर्गत विधिक सेवा क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे ताकि वीर परिवार को विधिक सेवाएं और सहायता प्रदान की जा सके। इससे कोर्ट के चक्कर लगाने से जवानों को राहत मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष, न्यायमूर्ति सूर्यकांत, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति अरुण पल्ली, मुख्यमंत्री, उमर अब्दुल्ला मौजूद रहे। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा अर्ध-विधिक स्वयंसेवकों के रूप में नियुक्ति के प्रमाणपत्र भी वीर नारियों और पूर्व सैनिकों को सौंपे गए।
इस दौरान जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं जम्मू-कश्मीर विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष, न्यायमूर्ति संजीव कुमार, न्यायमूर्ति सिंधु शर्मा, उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा,सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायाधीश और विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य न्यायाधीश उपस्थित थे।
ये सुविधाएं भी शुरू
- रक्षा कार्मिक मामलों की प्रबंधन प्रणाली का उद्घाटन किया गया
- जिला सैनिक कल्याण बोर्डों में विधिक सेवा सहायता केंद्रों का शुभारंभ किया गया
- जनजातीय समुदायों के लिए विशेष संवाद विधिक इकाइयां
- डीपीसीएमएस (डिफेंस पर्सनल केस मॉनिटरिंग सिस्टम) एप लॉन्च किया गया, जिसमें सुरक्षाकर्मी अपने मुकदमों की स्थिति देख सकते हैं
- लेह हवाईअड्डे का लोगो और एयरपोर्ट परिसर में जनजातीय कियोस्क का वर्चुअल अनावरण किया गया
- लद्दाख की जनजातीय आबादी के लिए मोबाइल चिकित्सा शिविर सहित विभिन्न पहलों का शुभारंभ भी हुआ