- पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वालों को राजदान दर्रे पर दी श्रद्धांजलि, दो मिनट का मौन रखा
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। पर्यटकों के एक समूह ने गुरेज के राजदान दर्रे पर मंगलवार को पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, हम सब एक हैं और आतंकवाद हमें बांट नहीं सकता। बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी है। इस हमले में 26 पर्यटकों सहित कुल 27 लोगों की जान चली गई थी।
पर्यटकों के साथ-साथ टूर ऑपरेटर और चालक भी इस ऊंचे पहाड़ी दर्रे पर इकट्ठा हुए। उन्होंने मारे गए लोगों की याद में प्रार्थना की और कुछ देर मौन रखा। हाल के वर्षों में कश्मीर में पर्यटकों को निशाना बनाने वाले सबसे घातक हमलों में से यह एक था।
मुंबई से आईं दिव्या राठी ने कहा कि इस दुखद घटना ने देशवासियों के के दिलों में गहरे जख्म छोड़ दिए हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि हिंसा की ऐसी हरकतें कश्मीर की पहचान बन चुकी एकता और सद्भाव की भावना को तोड़ नहीं सकतीं। कोई भी ताकत कश्मीर को भारत से अलग नहीं कर सकती।
एक अन्य पर्यटक नवीन ने कहा, पिछले साल जो कुछ हुआ उससे हम बहुत दुखी हैं। आतंकी हमारे इरादों को तोड़ नहीं सकते। आज हम यहां सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों से मिला प्यार हमें अभिभूत कर देता है। बुधवार को पहलगाम हमले की पहली बरसी है इसलिए हम उन लोगों को एक कड़ा संदेश देना चाहते हैं जो शांति भंग करने की कोशिश करते हैं। हम सब एक हैं और आतंकवाद हमें बांट नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि जो एकता हम यहां देखते हैं वह हमेशा मजबूत बनी रहेगी। स्थानीय टूर गाइडों ने भी ऐसी ही भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि कश्मीर ने हमेशा पर्यटकों का खुले दिल से स्वागत किया है और शांति भंग करने की तमाम कोशिशों के बावजूद वह ऐसा करता रहेगा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का समापन शांति के लिए प्रार्थना और एकता बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।